समाजवादी तेवरों के साथ मना शिवपाल सिंह यादव का जन्मदिन
समाजवादी तेवरों के साथ मना शिवपाल सिंह यादव का जन्मदिन
लखनऊ। आज 24 जनवरी को बसंत पंचमी का पवित्र दिन, माँ सरस्वती का दिन। आज के दिन ही समाजवादी विचारों की ध्वज पताका लेकर समर्पित भाव से राजनीति के मैदान में अपने मधुर मुस्कान और मिलन सार स्वाभाव से सभी का ह्रदय जीत लेने वाले उत्तर प्रदेश के काबीना मंत्री शिवपाल सिंह यादव का जन्मदिन भी है। ...और ध्यान देने वाली बात है कि तारीख नहीं तिथि से शिवपाल यादव का जन्मदिन मनाया जाता है।
सनातन धर्म और संस्कृति की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले असंख्य हैं, परन्तु बसंत पंचमी की तिथि को जन्म लेने के कारण तिथि अनुसार जन्म दिन मनाने की बमुश्किल सहमति आज से दशकों पूर्व देने वाले नेता का नाम है शिवपाल सिंह यादव।।
सपा नेता प्रदीप सिंह बब्बू ने बताया कि शिवपाल यादव का जन्मदिन समारोह सार्वजानिक रूप से सबसे पहले बसंत पंचमी के दिन तत्कालीन समाजवादी युवजन सभा के अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह ने लखनऊ में मनाया था, तब से यह हर वर्ष समाजवादी तेवर के साथ हर बसंत पंचमी को मनाया जाता है।
प्रातःकाल बाराबंकी से राजधानी लखनऊ के लिए निकला तो वरिष्ठ समाजवादी नेता रघुनन्दन सिंह काका से दूरभाष से वार्ता हुई और चूँकि वे उत्तर प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री रामगोविंद चौधरी के आवास पर थे सो मुझे भी वहीँ पहुंचना पड़ा। फिर काका के संग गाँधी प्रतिमा गंज गया जहाँ पर टीम शिवपाल सिंह यादव के सूर्यकान्त पाठक, अमर प्रताप यादव, इमरोज़ खान, विद्यासागर यादव सहित सैकड़ों साथी उपस्थित थे। वहां से सभी लोग एक साथ 7 कालिदास मार्ग पहुंचे, इस वक़्त तक 9.30 हो चुका था ।।
खचाखच भरे कालिदास मार्ग में स्थित आवास के मुख्य द्वार तक किसी तरह सभी लोग पहुंचे और भीतर सन्देश भेजने का अति महत्वपूर्ण कार्य सूर्यकान्त पाठक ने किया और अन्दर से जिम्मेदारों ने आकर सभी को तत्काल प्रवेश कराया। भीतर तमाम वरिष्ठ मंत्रियों समेत विधायक, पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री, पत्रकार साथी मौजूद थे। शिवपाल सिंह सभी से एक के बाद एक करके मिल रहे थे और केक, मिठाई और जल वितरण का कार्य अत्यंत सुचारू तरीके से हो रहा था।
अपने चाचा को बधाई देने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी भी आये, बधाई उनको दी। विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडे और प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी भी शुभकामना देने के लिए आये ही।
सादगी, समता और समाजवादियों का अद्भुत संगम स्थल बना था आज 7 कालिदास मार्ग।।
- अरविन्द विद्रोही


