समाजवादी पार्टी को राजनीतिक ठगी मंहगी पड़ी................
समाजवादी पार्टी को राजनीतिक ठगी मंहगी पड़ी................
समाजवादी पार्टी को राजनीतिक ठगी मंहगी पड़ी
मसीहुद्दीन संजरी
समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने परिवारिक अंतर्कलह से निपटने का अनोखा रास्ता अपनाया। चाचा शिवपाल यादव की नाराज़गी को दूर करने के लिए भतीजे अखिलेश को फटकार लगाई। उसके बाद कौमी एकता दल के साथ विलय की बहस को एक बार फिर शुरू कर सब गिले शिकवे दूर करने और राजनीतिक लाभ हासिल करने की कवायद दो दिन तक चलाते रहे।
जब कौमी एकता दल की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई तो अखिलेश यादव से विलय के खिलाफ फिर से बयान दिलवाकर एकतरफा प्रेम की शर्मिन्दगी से बचने का फरार वाला रास्ता अपना लिया।
खबर है कि मुलायम सिंह यादव आगामी चुनाव में जीत के लिए इस तरह के विलय और गठबंधन के लिए बहुत आतुर हैं, लेकिन छोटी पार्टियों के नेता उन पर भरोसा करने के लिए तैयार नहीं हैं।


