सरकार द्वारा स्पीडी क्लियरेंस पर जोर देने से पर्यावरण कानून खतरे में- ग्रीनपीस इंडिया
सरकार द्वारा स्पीडी क्लियरेंस पर जोर देने से पर्यावरण कानून खतरे में- ग्रीनपीस इंडिया
नई दिल्ली, 1 सिंतबर 2014। कोयला घोटाले की सुनवाई के दौरान सर्वोच्च् न्यायालय में राजग सरकार द्वारा प्रस्तुत जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए ग्रीनपीस इंडिया ने कहा है कि फिर से आवंटन में तेजी लाने के सरकार के प्रयास से एक बार फिर से पर्यावरण कानूनों की अनदेखी हो सकती है।
ग्रीनपीस इंडिया की जलवायु और ऊर्जा कैंपेनर विनुता गोपाल ने कहा कि सरकार की कोशिश पूरे मामले को रफा-दफा करके यह साबित करने की है कि कोल सेक्टर में सब ठीक है और अब इन ब्लॉक्स को जल्दी से नीलाम किया जाये। कोर्ट ने पहले ही सभी कोल ब्लॉक आवंटन को अवैध घोषित कर दिया है और स्पष्ट कह दिया है कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मोदी सरकार को अब एक पारदर्शी और वैध तरीके से नीलामी करने की जरूरत है और यह भी स्पष्ट है कि अब वे वनाधिकार और दूसरे पर्यावरण नियमों की अनदेखी नहीं कर सकते हैं।
विनुता गोपाल ने आगे जोड़ा कि यह निश्चित रूप से सस्ते कोयले के युग का अंत है जो भारत में ऊर्जा योजना के लिए अस्थिर माध्यम है, जो लाखों करोड़ जनता के पैसे की बर्बादी है।
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