गोपाल राठी

लौटाने की नौबत ही नहीं आई...

पद्मश्री पुरस्कार लौटाया नहीं, स्वीकार ही नहीं किया था उन्होंने...

प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और 'चिपको आन्दोलन' के प्रमुख नेता सुन्दरलाल बहुगुणा को सन 1981 में पद्मश्री पुरस्कार दिया गया, जिसे उन्होंने यह कह कर स्वीकार नहीं किया कि जब तक पेड़ों की कटाई जारी है, मैं अपने को इस सम्मान के योग्य नहीं समझता हूँ।

पर्यावरण को स्थाई सम्पति मानने वाले बहुगुणा जी को 'पर्यावरण गाँधी' माना जाता है। आपको अन्तर्राष्ट्रीय मान्यता के रूप में 1981 में स्टाकहोम का वैकल्पिक नोबेल पुरस्कार मिला।

आज सुंदरलाल बहुगुणा का 90 वां जन्मदिवस है। सुदीर्घ, स्वस्थ जीवन की कामना के साथ युगपुरुष को सादर प्रणाम।