हाँ मैं सहमत नहीं हूँ
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हाँ मैं सहमत नहीं हूँ
तुम्हारे झंडे से
तुम्हारे डंडे से
तुम्हारी पौराणिक पुड़ियाओं से
बाँधे जा रहे तावीज़ गंडे से

हाँ मैं सहमत नहीं हूँ
संविधान का गला घोंटती तुम्हारी उंगलियों से
कुतरी जा रही आजादी से
'सिरफिरों' की हत्याओं से
बही में अगला नाम लिखने वाले पंडे से

हाँ मैं सहमत हूँ
चेहरे पर से मुखोटा सरकने से
क़लई के खुल जाने से
जानता नहीं कि सलामत रहूँगा
फिर भी असहमत हूँ तुम्हारे एजेंडे से

// जसबीर चावला //