27 साल यूपी बेहाल से कांग्रेस की तौबा, उप्र में "साइकिल" का हैंडल थामेगा "हाथ" #राहुल_अखिलेश_साथ_साथ
27 साल यूपी बेहाल से कांग्रेस की तौबा, उप्र में "साइकिल" का हैंडल थामेगा "हाथ" #राहुल_अखिलेश_साथ_साथ
नई दिल्ली, 22जनवरी। “27 साल यूपी बेहाल” से कांग्रेस ने तौबा कर ली है, अब कांग्रेस उप्र में पिछले पांच सालों में हुए विकास कार्यों का गुणगान कर 27 साल यूपी बेहाल का नाम नहीं लेगी। दरअसल ना-नुकुर और लजाने-शर्माने, रूठने-मनाने के बाद आखिरकार #राहुल_अखिलेश_साथ_साथ आ ही गए। अब उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन पर मुहर लग गई है।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम और उप्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन कर इसका ऐलान किया है।
साफ हो गया है कि कांग्रेस उप्र में 105 और सपा 298 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। गठबंधन का ऐलान करते हुए सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने कहा कि सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए दोनों दल साथ आए हैं। और इसी के साथ ही अब पिछले कुछ दिनों से जारी रस्साकशी खत्म हो गई है और दोनों ही पार्टिंया मिलकर विधानसभा चुनाव में उतर रही हैं।
आपको बता दें कि कई दौर की बैठकों और माथापच्ची के बाद यह फैसला हुआ है। कल तक संदेह बना हुआ था कि कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन होगा भी या नहीं। क्योंकि सपा नेता नरेश अग्रवाल और किरनमय नंदा की तरफ से ऐसे बयान सामने आए थे कि अखिलेश ने कांग्रेस को सौ सीटों का ऑफर दिया है लेकिन कांग्रेस 120 सीटों पर अड़ी हुई है। यहां तक कि ये भी कहा जा रहा था कि कांग्रेस की जिद की वजह से गठबंधन नहीं हो पाएगा।
इस बीच बात बिगड़ती देख खुद प्रियंका गांधी और बाद में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी इस मामले में दखल दिया। बताया जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अखिलेश यादव से फोन पर बात की।
इस दौरान दोनों के बीच कांग्रेस को 105 सीटे देने के फॉर्मूले पर सहमति बनी है।
The alliance bw Congress & SP will set an example; will strive hard for upliftment of poor & development of state. #राहुल_अखिलेश_साथ_साथ pic.twitter.com/yhYiku0U6j
— Raj Babbar (@RajBabbarMP) January 22, 2017
This alliance will work for the development of Uttar Pradesh. #राहुल_अखिलेश_साथ_साथ
— Raj Babbar (@RajBabbarMP) January 22, 2017


