UNRWA को निशाना बनाने वाले इसराइली क़ानूनी संशोधनों की निन्दा, गुटेरेस ने तत्काल रद्द करने की मांग की

यूएन प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने UNRWA को निशाना बनाने वाले इसराइली क़ानूनी संशोधनों की निन्दा करते हुए उन्हें तुरंत रद्द करने की मांग की है;

By :  Hastakshep
Update: 2026-01-02 02:34 GMT

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इसराइली संसद द्वारा UNRWA के ख़िलाफ़ क़ानूनी संशोधन

  • 29 दिसंबर को क्नेसैट में पारित ‘Law to Cease UNRWA’ में बदलाव
  • यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की कड़ी प्रतिक्रिया, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उल्लंघन का आरोप
  • UNRWA के अभियानों को बाधित करने का प्रयास: फ़लस्तीनी शरणार्थियों की सहायता पर सीधा असर
  • अंतरराष्ट्रीय क़ानूनी ढांचे से असंगत क़ानून : यूएन विशेषाधिकारों और उन्मुक्तियों पर कन्वेंशन का हवाला
  • ICJ के परामर्शकारी निर्णय की याद दिलाई
  • क्या है अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का 22 अक्टूबर 2022 का फैसला
  • ग़ाज़ा और मध्य पूर्व में UNRWA की भूमिका

यूएन प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने UNRWA को निशाना बनाने वाले इसराइली क़ानूनी संशोधनों की निन्दा करते हुए उन्हें तुरंत रद्द करने की मांग की।

नई दिल्ली, 1 जनवरी 2025. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए काम करने वाली यूएन सहायता एजेंसी- फिलिस्तीन शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (United Nations Relief and Works Agency for Palestine Refugees -UNRWA) को निशाना बनाने वाले इसराइली क़ानूनी संशोधनों की कड़ी निन्दा की है। उन्होंने इसराइली संसद क्नेसैट द्वारा पारित इन संशोधनों को अंतरराष्ट्रीय क़ानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के विरुद्ध बताते हुए इन्हें तत्काल रद्द किए जाने की मांग की है। पढ़िए संयुक्त राष्ट्र समाचार की यह ख़बर...

UNRWA के अभियानों को निशाना बनाने वाले इसराइली क़ानूनी संशोधनों की निन्दा

1 जनवरी 2026 शान्ति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने इसराइली संसद क्नेसैट द्वारा, फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए यूएन सहायता एजेंसी – UNRWA को निशाना बनाने वाले क़ानूनी संशोधनों की निन्दा की है और कहा है कि इन उपायों को तुरन्त रद्द किया जाना चाहिए.

यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता द्वारा जारी वक्तव्य में कहा गया है कि 'Law to Cease UNRWA' नामक क़ानून में ये संशोधन, इसराइली संसद में 29 दिसम्बर को अपनाए गए हैं.

वक्तव्य के अनुसार, इन क़ानूनी संशोधनों का उद्देश्य, 'UNRWA के अभियानों और शासनादेश को पूरा करने के लिए चलाई जा रही गतिविधियों को और अधिक बाधित करना है.

वक्तव्य में कहा गया है, “ये क़ानून और इसके संसोधन, यथास्थिति व UNRWA पर लागू होने वाले अन्तरराष्ट्रीय क़ानूनी ढाँचे से मेल नहीं खाते हैं और इन्हें तत्काल रद्द किया जाना चाहिए.”

यूएन महासचिव ने ज़ोर दिया है कि UNRWA, संयुक्त राष्ट्र का एक अभिन्न अंग है और यूएन चार्टर व संयुक्त राष्ट्र के विशेषाधिकारों और उन्मुक्तियों पर कन्वेंशन के तहत इसराइल की ज़िम्मेदारियों की भी याद दिलाई है.

वक्तव्य में कहा गया है, “ये कन्वेंशन UNRWA, उसकी सम्पत्ति, उसके अधिकारियों व अन्य कर्मचारियों पर अब भी लागू होती है.

UNRWA द्वारा प्रयोग की जा रही सम्पत्ति को किसी तरह की हानि भी नहीं पहुँचाई जा सकती है.”

यूएन प्रमुख ने ध्यान दिलाया कि अन्तरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) द्वारा 22 अक्टूबर 2022 को जारी की गई परामर्शकारी निर्णय में निष्कर्ष दिया गया है कि इसराइल, संयुक्त राष्ट्र को मिले विशेषाधिकारों और उन्मुक्तियों के लिए पूर्ण सम्मान सुनिश्चित किए जाने के लिए ज़िम्मेदार हैं.

इनमें क़ाबिज़ फ़लस्तीनी क्षेत्र के सम्बन्ध में UNRWA और उसके कर्मचारी भी शामिल हैं.

यूएन प्रमुख ने UNRWA को अपना समर्थन दोहराते हुए कहा कि यह एजेंसी ग़ाज़ा और मध्य पूर्व क्षेत्र में अन्यत्र स्थानों पर फ़लस्तीनी लोगों की सेवा करने में बहुत अहम भूमिका निभाती है.

एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि ग़ाज़ा में UNRWA के जारी अभियानों से, सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 (2025) के कारगर अमल और ग़ाज़ा में धरातल पर युद्ध को समाप्त करने के लिए वृहद योजना को लागू करने में योगदान मिल रहा है.


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