जस्टिस मार्कंडेय काटजू

नेहा सिंह राठौड़ अब बहुत खुश बा

ओका सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली बा

ओकर गिरफ्तारी पर रोक लगी बा

पर ओका अच्छी सीख मिल गयी बा

आगे बब्बर शेर का कबहुं नाहीं ललकारब

ई बात नेहा कान पकड़ कर कहत बा

अब गाना "का बा" के विषय नेहा बदल दिये बा

अब वेनेजुएला में का बा, ई गाना लिखत बा

राष्ट्रपति मादुरो की सिट्टी पिट्टी गुम हो गई बा, ई गाना लिखत बा

दिल्ली में बहुत जादा ठंड पड़त बा, ई गाना लिखत बा

ममता बनर्जी बौरायी बा, ई गाना लिखत बा

बांग्लादेश में का बा, ई गाना लिखत बा

ट्रंप अंधेर मचाये बा, ई गाना लिखत बा

धर्मेंद्र की मौत के बाद हेमा मालिनी बहुत दुखी बा, ई गाना लिखत बा

पर बब्बर शेर के बारे में भूल करे भी नाहीं लिखत बा

"एक बार काटे दो बार शर्म करो" ई अंग्रेजी कहावत बारम्बार दोहरावत बा

भगवान हमका बुद्धि दे, ई बात जपत बा

भूत पिशाच (पुलिस) निकट नइ आवें, ई बात सोचत बा

अब नेहा ठीक हो गई बा

पर हमार फोनवा अबहु नाही उठावत बा

हमका लगत बा हमसे बहुत नाराज बा.

(जस्टिस मार्कंडेय काटजू भारत के सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं। व्यक्त किए गए विचार उनके अपने हैं।)