9.4 करोड़ लोग मोतियाबिन्द से प्रभावित: WHO ने सर्जरी कवरेज बढ़ाने की अपील, अफ्रीका और महिलाएँ सबसे अधिक वंचित
सिर्फ 15 मिनट… और रोशनी वापस! फिर भी 9 करोड़ लोग क्यों अंधेरे में? सवाल है—क्या रोशनी भी अब संसाधनों पर निर्भर करेगी?

नियमित रूप से आँखों की जाँच करवाएँ
94 million people affected by cataracts: WHO calls for increased surgery coverage, with Africa and women most disadvantaged.
दुनिया भर में 9.4 करोड़ से अधिक लोग मोतियाबिन्द (Cataract) से प्रभावित हैं, लेकिन इनमें से बड़ी आबादी आज भी ज़रूरी सर्जरी से वंचित है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, केवल 15 मिनट की सर्जरी दृष्टि बहाल कर सकती है, फिर भी अफ्रीका में हर चार में से तीन मरीज इलाज नहीं पा रहे। विशेषज्ञ इसे केवल स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि गरिमा और आत्मनिर्भरता से जुड़ा जन-स्वास्थ्य (Public Health) संकट मान रहे हैं।… पढ़िए संयुक्त राष्ट्र समाचार की यह खबर
9 करोड़ से अधिक लोग मोतियाबिन्द से प्रभावित, सर्जरी की तत्काल ज़रूरत - WHO
11 फरवरी 2026 स्वास्थ्य
दुनिया भर में मोतियाबिन्द सम्बन्धी दृष्टिहीनता से जूझ रही तक़रीबन आधी आबादी की अब भी अपनी स्थिति में सुधार के लिए ज़रूरी सर्जरी तक पहुँच नहीं है. इसके मद्देनज़र, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने देशों से अपील की है कि मोतियाबिन्द (cataract) का सामना कर रहे लाखों-करोड़ों लोगों का जीवन बदलने के लिए ज़रूरी सर्जरी तक पहुँच सुनिश्चित करने में तेज़ी लानी होगी.
मोतियाबिन्द आँखों के लैंस के धुँधला होने की स्थिति है, जिससे दृष्टि कमज़ोर होती है और अँधापन तक हो सकता है.
व्यक्ति की उम्र, मोतियाबिन्द के मुख्य कारकों में से है, लेकिन तेज़ धूप में रहना, तम्बाकू सेवन, स्टेरॉयड दवाओं का उपयोग और मधुमेह भी इसकी वजह बन सकते हैं.
वैश्विक स्तर पर 9.4 करोड़ से अधिक लोग इससे प्रभावित हैं.
15 मिनट की सर्जरी है हल
विशेषज्ञों के अनुसार, केवल 15 मिनट में होने वाली कैटरेक्ट सर्जरी आँखों की रौशनी को बहाल करने का सबसे प्रभावी और किफ़ायती इलाज है.
पिछले दो दशकों में मोतियाबिन्द के लिए सर्जरी की वैश्विक कवरेज में लगभग 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन बुज़ुर्ग आबादी बढ़ने और मरीज़ों की संख्या में वृद्धि के कारण मांग भी तेज़ी से बढ़ी है.
अनुमान है कि इस दशक में सर्जरी कवरेज में केवल 8.4 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जबकि साल 2030 तक 30 प्रतिशत वृद्धि के लक्ष्य को हासिल किए जाने का लक्ष्य है. इस वजह से इन प्रयासों में तेज़ प्रगति की ज़रूरत पर बल दिया गया है.
WHO में गै़र-संचारी रोग और मानसिक स्वास्थ्य विभाग की अन्तरिम निदेशक डेवोरा केस्टेल ने कहा, “मोतियाबिन्द की सर्जरी, लोगों की दृष्टि ही नहीं, बल्कि उनकी गरिमा, आत्मनिर्भरता और जीवन के अवसर भी लौटाती है.”
अफ़्रीका सर्वाधिक प्रभावित
अध्ययन में 2023 और 2024 के लिए 68 देशों के आँकड़ों का विश्लेषण किया गया, जिसके अनुसार, अफ़्रीकी क्षेत्र में स्थिति सबसे गम्भीर है, जहाँ सर्जरी की ज़रूरत वाले हर 4 में से 3 लोग इलाज से वंचित हैं.
इन सभी क्षेत्रों में महिलाओं की पहुँच पुरुषों की तुलना में कम पाई गई है.
WHO के अनुसार, इलाज तक पहुँच में बाधा की कई वजह हैं, जैसेकि प्रशिक्षित नेत्र चिकित्सकों की कमी, इलाज का अधिक ख़र्च, लम्बी प्रतीक्षा और जागरूकता की कमी.
यूएन एजेंसी ने देशों की सरकारों से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में नेत्र जाँच को शामिल करने, सर्जिकल ढाँचे में निवेश करने और विशेष रूप से ग्रामीण व वंचित क्षेत्रों में नेत्र-स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या बढ़ाने की अपील की है.
संगठन के अनुसार, महिलाओं और हाशिए पर रहने वाले समुदायों को प्राथमिकता देकर ही रोकथाम योग्य दृष्टिहीनता को समाप्त किया जा सकता है.


