MUKUL SINHA is no more
MUKUL SINHA is no more
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As per a message from Teesta Setalvad, prominent defender of human rights against criminal activities of Gujarat State, a great lawyer and human being, MUKUL SINHA is no more.
It is a great loss to the movement against fascism.
Shamsul Islam

प्रोफेसर शमसुल इस्लाम के बारे में जानकारी प्रोफेसर शमसुल इस्लाम (Shamsul Islam) एक प्रतिष्ठित भारतीय शिक्षाविद्, लेखक और सामाजिक विचारक हैं, जिन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान विषय में 1973 से 2013 तक अध्यापन कर तथा समकालीन भारतीय राजनीतियों पर अपनी आलोचनात्मक दृष्टि प्रस्तुत की। वह हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार हैं। शिक्षक से आलोचक तक: 1973 से 2013 तक उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान की शिक्षण सेवा निभाई, और देश में हिंदुत्ववाद, इतिहास के पुनर्लेखन, धार्मिक असहिष्णुता, दलितों तथा अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न पर बेबाक आलोचना की। शमसुल इस्लाम केवल शैक्षणिक नहीं थे, बल्कि सक्रिय नुक्कड़ नाटककार भी रहे। उन्होंने ‘निशांत’ नामक सबसे पुराने स्ट्रीट थियेटर समूह की स्थापना की और कई देशों में जाति, लिंग, धार्मिक असहिष्णुता जैसे विषयों पर केंद्रित सामाजिक मुद्दों पर 6,000 से अधिक मंचीय प्रस्तुतियाँ दीं। उल्लेखनीय: हिंदुत्व, धार्मिक कट्टरता और महिलाओं, दलितों एवं अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के विरुद्ध मुखर रुख। इन विषयों पर उन्होंने कई पुस्तकें और लेख लिखे हैं। आप संदर्भित दस्तावेज़ों में उनकी उल्लेखनीय साहित्यिक कृतियों की सूची पा सकते हैं। उन्होंने कई पुस्तकें और लेख लिखें, जिनमें मुख्य शीर्षक इस प्रकार हैं: Religious Dimensions of Indian Nationalism: A Study of RSS. Savarkar Myths and Facts. Know the RSS, Cultural Nationalism, Hindutva and Fascism. Indian Freedom Movement and RSS, Democracy versus Communalism एवं RSS and Modi: An Untold Story आदि।

