Assam: 2 killed in police firing after violent protest against RSS leader's remark

नई दिल्ली, 26 जनवरी। असम एक बार फिर आरएसएस की लगाई आग में जल उठा है। आरएसएस के नेता जगदंबा मल की तरफ से दीमा हासो जिले को ईस्टर्न नागालैंड में शामिल करने का प्रस्ताव दिए जाने के विरोध में दीमा हासो जिले में जारी विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में गुरुवार को घायल नौ लोगों में से शुक्रवार को दो लोगों की मौत हो गई। प्रदर्शनों के जारी रहने से हजारों लोग अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने न्यू हाफलोंग रेलवे स्टेशन पर सिलचर-गुवाहाटी पैसेंजर ट्रेन रोक दी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गुरुवार को पुलिस और भीड़ के बीच झड़प में पुलिस ने गोली चला दी जिसमें नौ लोग घायल हो गए। इनमें से दो की शुक्रवार को मौत हो गई। आक्रोशित संगठनों ने दीमा हासो जिले में शुक्रवार से 48 घंटे के 'बंद' का आह्वान किया है।

सैकड़ों लोगों ने मंदरदिसा रेलवे स्टेशन और न्यू हाफलोंग रेलवे स्टेशन पर रेल ट्रैक को अवरुद्ध कर दिया। इससे बराक घाटी के लोगों के लिए लाइफलाइन कही जाने वालीं रेलगाड़ियों का संचालन प्रभावित हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक असम के पुलिस महानिदेशक मुकेश सहाय ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है।


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उन्होंने कहा,

"लेकिन, गुरुवार को लगा कर्फ्यू मैबोंग और अन्य पड़ोसी क्षेत्रों में भी लगा दिया गया है। पुलिस गोलीबारी में घायल दो लोगों की आज (शुक्रवार को) मौत हो गई।"

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंचार अधिकारी ज्योति शर्मा ने कहा कि रेलवे विभाग न्यू हाफलोंग में फंसे यात्रियों को निकालने के लिए प्रदेश सरकार से सिक्योरिटी क्लीयेरेंस मिलने का इंतजार कर रहा है।

उन्होंने कहा कि गुरुवार को मैबोंग में स्थानीय आंदोलनकारियों द्वारा रेलमार्ग बाधित करने के बाद वहां लगभग 3000 यात्री फंस गए।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के नेता जगदंबा मल ने दीमा हासो जिले को ईस्टर्न नागालैंड में शामिल करने का प्रस्ताव दिया था, जिसके विरोध में जिले में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

आरएसएस के प्रस्ताव के खिलाफ तथा सरकार से ग्रेटर नगलिम के प्रस्ताव को सार्वजानिक करने की मांग को लेकर गुरूवार की सुबह से 12 घंटे के दीमा हासो जिला बंद के दौरान पुलिस की गोलीबारी से एक व्यक्ति की मौत हो गयी है तथा कई अन्य घायल हो गए है। गौरतलब है कि डिमासा जातीय संगठन जदिखे नाइस हसम, डिमासा छात्र संघ, अखिल डिमासा छात्र संघ तथा डिमासा मात्र समाज ने इस बंद का ऐलान किया था।

ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट, के अध्यक्ष और धुवरी से सांसद बदरुद्दीन अजमल ने ट्वीट किया –

“मैं फिर दोहराता हूं, यह क्या है कि प्रदर्शनकारियों पर नियंत्रण रखने के लिए असम पुलिस को हर बार फायरिंग करनी पड़ती है? हमने अन्य राज्यों में ज्यादा आक्रामक विरोध प्रदर्शन देखा है, जहां प्रदर्शनकारियों पर कोई पुलिस फायरिंग नहीं हुई। विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित करने के नाम पर हाफलोंग में पुलिसकर्मियों ने फिर से दो को मारा।“