मसीहुद्दीन संजरी

एस्थान, प्रताप गढ़ में दंगा हुआ/ करवाया गया। सिर्फ आठ घर मुसलमानों के बचे थे। धारा 144 लागू होने के बावजूद वहां तोगड़िया का भाषण हुआ। भीड़ वहां से उठी और उसने उन आठ घरों को भी जला डाला। उसके बाद तोगड़िया उस रात राजा भैया के घर उनके पिता उदय प्रताप सिंह के मेहमान रहे।

मसीहुद्दीन संजरीज़ाहिर सी बात है राजा भैया अखिलेश यादव की सेक्यूलर सरकार में काबीना मंत्री थे। अगर तोगड़िया को राजा भैया का अतिथि कहा जाता तो सेक्यूलरिज़्म खतरे में पड़ती।

ऐसी है अखिलेश यादव की माफिया मुक्त समाजवादी पार्टी और उनके समाजवाद का रहस्य।