अपनी सरकार के 420 दिन पूरा होने की खुशी में पुरानी योजनाओं को रिलाँच करेंगे मोदी- त्यागी
अपनी सरकार के 420 दिन पूरा होने की खुशी में पुरानी योजनाओं को रिलाँच करेंगे मोदी- त्यागी
बिहार के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है मोदी सरकार
नई दिल्ली। जनता दल (यू) ने आरोप लगाया है कि केंद्र की मोदी सरकार बिहार के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है और प्रधानमंत्री पुरानी योजनाओं की रिलाँचिंग के लिए शनिवार को बिहार जा रहे हैं। जद(यू) ने चुनाव आयोग से मांग की है कि बिहार विधानसभा चुनाव के चुनाव तीन या पाँच चरण में न कराकर एक ही चरण में कराए जाएं।
जनता दल (यू) के महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सरकार के 420 दिन पूरा होने की खुशी में बिहार में जिन योजनाओं को शुरू करने का दावा करने के लिए शनिवार को राज्य के दौरे पर जा रहे हैं, वे सभी योजनाएं पूर्व में ही स्वीकृत व लाँच हो चुकी हैं, प्रधानमंत्री तो उन योजनाओं की रिलाँचिंग करके जनता को दिग्भ्रमित करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि दरियावाँ से बिहार शरीफ रेल लाइन का कार्य का उद्घाटन तो 1999 में ही हो गया था, जिसे 2004 में पूरा हो जाना था, जो 2013 में पूरा हुआ।
श्री त्यागी ने बताया कि पटना मुंबई के बीच कोई एयरकंडीशंड रेलगाड़ी की घोषणा 2014-15 के बजट में नहीं की गई है, फिर प्रधानमंत्री किस रेलगाड़ी को शुरू करने जा रहे हैं? उन्होंने बतायाकि बिहार के जनमानस के प्रति बाजपा की जो तुच्छ मानसिकता है, जिसके तहत वह बिहारियों को सिर्फ मजदूर समझती है, उसी मानसिकता के तहत बजट में पटना मुंबई के बीच एक जनसाधारण एक्सप्रेस की घोषणा जरूर की गई थी।
जद(यू)नेता ने कहा कि इसी तरह आईआईएम स्तर का संस्थान पहले से है जबकि आईआईटी तब स्वीकृत किया गया था जब अर्जुन सिंह केंद्र में मानव संसाधन मंत्री तथा नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री थे। उन्होंने याद दिलाया कि तब नीतीश सरकार ने आईआईटी के लिए 50 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई थी, फिर प्रधानमंत्री चुनावी माहौल में बिहार के लिए क्या सौगात देने जा रहे हैं?
गैस लाइन के विषय में भी जद(यू) नेता ने कहा कि यूपीए-2 के कार्यकाल में ही यह योजना लाँच हो चुकी थी जो गया से हल्दिया तक जानी थी।
श्री त्यागी ने यूपीए कार्यकाल की एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि किशनगंज में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कैंपस का उद्घाटन होना था और किसी भी बोर्ड में मुख्यमंत्री का नाम नहीं था, जब इस पर आपत्ति की गई तो मानव संसाधन मंत्रालय ने माफी मांगी और सारे बोर्डों पर मुख्यमंत्री का नाम भी डाला गया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार हो रहा है कि प्रधानमंत्री विपक्षी मुख्यमंत्री के राज्य में योजनाएं शुरू करने जा रहे हैं और मुख्यमंत्री का नाम किसी भी शिलापट पर नहीं है। उन्होंने कहा कि यह देश के संघात्मक ढांचे पर प्रहार है और हम आशा करते हैं कि प्रधानमंत्री अपनी इस छोटी सोच से बाहर निकलेंगे और अपने पद व स्थापित संस्थाओं की मर्यादा का सम्मान करेंगे।
जनता दल (यू) नेता ने बताया कि सोमवार को जद(यू), राजद, कांग्रेस, राकांपा, सपा, इंडियन नेशनल लोकदल व जद(एस) का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव आयुक्त ले मिलकर मांग करेगा कि बिहार विधानसभा चुनाव का तीन या पांच चरण में न कराकर एक ही साथ कराया जाए। उन्होंने कहा कि पांच चरण में चुनाव कराए जाने से चुनाव महंगा हो जाता है और सितंबर से अक्टूबर के मध्य कई त्योहार पड़ रहे हैं। ऐसे में बारतीय जनता पार्टी त्योहारों का सांप्रदायिकीकरण करके माहौल विषाक्त करने का प्रयास करेगी।
श्री त्यागी ने आरोप लगाया कि इस चुनाव को सबसे महंगा चुनाव करने की साजिशें रची जा रही हैं। एक दल विशेष के लिए क़ॉरपोरेट घरानों ने तिजोरियों के मुंह खोल दिए हैं।


