अब पूरा चुनाव बनारस में मोदी की प्रतिष्ठा बचाने पर सिमटा
अब पूरा चुनाव बनारस में मोदी की प्रतिष्ठा बचाने पर सिमटा
मसीहुद्दीन संजरी
भाजपा से सारे दिग्गज और संघ के चुने हुए प्रचारकों का बनारस में जमावड़ा है। मीडिया भाजपा का भोंपू बना हुआ है। लेकिन यह पूरा सच नहीं है। यह पूरी ताकत बनारस में नहीं, बनारस की कुल आठ सीटों में से तीन सीटों पर झोंकी गई है। यह प्रधानमंत्री के लोकसभा में तीन सीटें जीत कर मान–सम्मान बचाने का अभियान है। इसी प्रयास में आज प्रधानमंत्री इस मिथक के बाद भी पहली बार गढ़वा घाट गए कि जो वहां चुनाव से पहले जाता है हार जाता है।
गढ़वा घाट में गायों को चारा खिलाने के उनके कार्यक्रम का इलेक्ट्रानिक मीडिया में खूब प्रचार हो रहा है और यह बताने का पूरा प्रयास किया जा रहा है कि यहां से एक इशारा हो जाए तो बड़ी संख्या में यादव मतदाता भाजपा के पाले में जा सकता है।
गाय तो बेचारी अगर समझ भी जाए तो भी कुछ बोल नहीं सकती लेकिन मतदाता ...।
सुना है कि मोदी जी की टीम उनके मंत्रियों से चुनाव प्रचार का सबूत मांगती है। हर मंत्री को मुहल्ले के साथ जिनसे सम्पर्क किया है उनके नाम भी देने पड़ते हैं। मंत्री भी कुछ कम निपुण तो हैं नहीं। पता कर लेते हैं कि उनसे पहले वाले मंत्री ने कौन से नाम नोट किए है फिर उन्हीं नामों के सामने द्विवेदी की जगह पांडेय और पासवान की जगह सरोज लगा कर औपचारिकता पूरी कर रहे हैं। आखिर मोदी जी के मंत्रिमंडल के ही सदस्य हैं विकास का पूरा मोदी मॉडल उनके सामने है।
विकास भी है, गंगा मां का अशीर्वाद भी। फिर भी पूरा मंत्रिमंडल काशी में क्यों बैठा है?


