अवार्ड वापसी गैंग में शामिल हुआ किसान, शिवराज सरकार का पुरस्कार ठुकराया
अवार्ड वापसी गैंग में शामिल हुआ किसान, शिवराज सरकार का पुरस्कार ठुकराया
नई दिल्ली। असहिष्णुताके मुद्दे पर साहित्यकारों,लेखकों, वैज्ञानिकों ने अपने पुरस्कार लौटाकर मोदी सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाई थी। तब से संघी ट्रोल्स और सरकार का गुलाम मीडिया इन साहित्यकारों को अवार्ड वापसी गैंग कहता है। अब इस अवार्ड वापसी गैंग में मध्य प्रदेश का एककिसान शामिल हो गया है और उसने शिवराज सरकार का पुरस्कार ठुकरा दिया है।
दरअसल म.प्र. के किसान बाबूलाल दहिया जी जैविक/प्राकृतिक खेती ही नहीं करते बल्कि देशज बीजों के संग्रहकर्ता भी है। उन्होने म.प्र.सरकार द्वारा दिए जा रहे प्रगतिशील किसान का पुरस्कार लेना अस्वीकार कर दिया। उनकी फेसबुक पोस्ट निम्नवत् है -
“मित्रो कल मुझे माननीय उप संचालक महोदय कृषि सतना द्वारा रात्रि लगभग 2बजे जगा कर यह सूचित किया गया था कि आप और एक अन्य किसान को जैविक कृषक के रूप में कृषि विभाग द्वारा 10 सितंबर को सम्मानित किया जायेगा।
सुबह ठंडे दिमाग से सोचने पर मुझे ऐसा लगा कि mp सरकार का किसी भी तरह का पुरस्कार लेना उन किसानों को अपमानित करने और धोखा देने जैसा है जो किसानों के लिए आंदोलन कर रहे है अथवा किसान हित में शहीद हो चुके हैं। इस लिए माननीय उप संचालक महोदय से क्षमा चाहते धन्यवाद ज्ञापित करता हूं।“


