#इविवि में योगी आदित्यनाथ के चेले ABVP कार्यकर्ताओं की खुली गुण्डई- छात्राओं से बदसुलूकी का आरोप
#इविवि में योगी आदित्यनाथ के चेले ABVP कार्यकर्ताओं की खुली गुण्डई- छात्राओं से बदसुलूकी का आरोप
इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन में भाजपा के विवादित सांसद योगी आदित्यनाथ के आगमन का विरोध कर रहे छात्र-छात्राओं पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के कार्यकर्ताओं ने हमला किया, छात्राओं के बदसुलूकी की। घटना की जानकारी इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ की अध्यक्ष ऋचा सिंह ने दी है। एक छात्र ने गुरूवार रात का विवरण अपनी पेसबुक टाइमलाइन पर लिखा है, देखें उस पोस्ट का असंपादित रूप-
#इविवि_में_आतंक...9
'कल से आज तक के आतंक' -गौरव गुलमोहर
1. कल योगी आदित्यनाथ के आने के विरोध में अध्यक्षा ऋचा और छात्रों द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में मुह पर काली पट्टी बाँध शांति मार्च निकाला गया, कुछ ही देर में ABVP के गुंडे गली गलौच और आतंकित नारे लगाना शुरू कर दिए। जब उनकी गाली और नारे का असर हमपर नहीं पड़ा तो वो हम सबको दौड़ा-दौड़ा पीटने लगे और हम छात्र-छात्राएं पिटते रहे..।
2. रात 7 बजे ऋचा छात्रों और इलाहाबाद के बुद्धिजीवियों के साथ योगी के विरोध में सेंट्रल लाइब्रेरी गेट पर लगभग 50 लोगों के साथ भूख हड़ताल पर बैठ गयी। बैठते ही वहां महामंत्री सिद्धार्थ सिंह 'गोलू' के साथ ABVP के लगभग 70-80 गुंडे चारों ओर से घेर के गाली दे दे नारे लगाना शुरू कर दिया और सिद्धार्थ किनारे या पीछे बैठे छात्रों को धमकी दे उठ जाने को बोला, लेकिन कोई छात्र नहीं उठा। फिर 2-3 घंटे बीतते बीतते DM का लिखित आदेश ऋचा को सौंपा जाता है कि 'आप हड़ताल खत्म करें योगी के आने के कार्यक्रम पर बैन लगा दिया गया है' लेकिन ऋचा हड़ताल जारी रखती हैं और मांग करती हैं कि प्रॉक्टर भी लिखित दें कि योगी के आने के कार्यक्रम पर बैन लगाया जाता है। कुछ ही देर बाद शराब के नशे में प्रॉक्टर और सिद्धार्थ सिंह के साथ सैकड़ों गुंडे आते हैं और एक तरफ़ा छात्रों को पीटने लगते हैं, और प्रॉक्टर शराब के नशे में धुत्त सभी कारनामे देखता रहा। हड़ताल में सामिल लड़कियों को गुंडे छेड़ रहे थे और लड़के साथी उन्हें बचाते हुए पिट रहे थे। इन्ही बवालों के बीच ऋचा सिद्धार्थ सिंह के पास तक पहुँच कालर पकड़ लेती है, लेकिन सैकड़ों में खड़ी पुलिस मदारी देख रही थी। फिर किसी तरह हम भाग बगल की पुलिस चौकी में घुस जान बचाने की कोशिश किये, लेकिन अंदर लाक लगा था। लगभग मामले के 2 घंटे बाद कर्नलगंज के इंस्पेक्टर आते हैं और बहस करने के बाद FIR लिखने के लिए राजी होते हैं तबतक 3 बज चुका होता है और कुछ छात्र हॉस्पिटल और कुछ छात्र घर या हॉस्टल की ओर रुख्सत होते हैं।
3. सुबह 9 बजे ऋचा, छात्र और शहर के बुद्धिजीवी लल्लाचुंगी पर बैठ योगी के आने का विरोध करते हैं । फिर कुछ देर में ही ABVP के गुंडे आ पहुँचते हैं और मारपीट करने लगते हैं। लेकिन दिन में कुछ ज्यादा न कर पाये रात की तरह। और कुछ ही समय में योगी बनारस से ही फ़ोन से संबोधित कर अपने आने के विरोध से हार जाता है। और हम साथी जीत की ओर कदम बढ़ा चुके होते हैं...!
जो साथी दूर से उत्तसाहित कर रहे उन्हें बहुत बहुत धन्यवाद...!


