एक निर्विवादित सच है कि हमारे मोदी जी खाँटी तुग़लक़ हैं
एक निर्विवादित सच है कि हमारे मोदी जी खाँटी तुग़लक़ हैं
'भीम ऐप' का क्या हुआ ?
आज ही मोदी के कैशलेस अभियान के एक बहुप्रचारित हथियार 'भीम ऐप' के बारे में पढ़ रहा था। इस ऐप के प्रचार पर और इसके लिये कई लाख बायोमेट्रिक मशीनों के निर्माण पर मोदी ने जितने रुपये ख़र्च कर दिये हैं, कहा जा रहा है कि उतने रुपये का इस ऐप के मार्फ़त लेन-देन तक शायद ही हुआ है। और अब इस पूरे प्रकल्प को Abandoned बना छोड़ दिया गया है। जिनके पास इसके उपकरण है, वे कोरे कबाड़ से ज्यादा कोई मूल्य नहीं रखते क्योंकि उनमें से अधिकांश ख़राब हो चुके हैं और सरकार ने उनकी मरम्मत की कोई व्यवस्था ही नहीं की है।
सरकारी राजस्व को इस प्रकार लुटाना और आमदनी का लगातार गिरना - यही इस सरकार को मजबूर कर रहा है कि सरकार के रोजमर्रे के ख़र्च को निकालने के लिये ही रोज तेल और गैस के दाम को बढ़ाओ। इससे अर्थ-व्यवस्था की मंदी और गहरी होती जा रही है।
अब यह तो एक निर्विवादित सच है कि हमारे मोदी जी खाँटी तुग़लक़ हैं।


