कश्मीर घाटी से घेराबंदी हटाओ

मानवाधिकारों का हनन बंद हो
नेशनल पैंथर्स पार्टी के संस्थापक प्रो. भीमसिंह ने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल श्री एन.एन वोहरा को जोरदार शब्दों में अपील की है कि वे जम्मू-कश्मीर में जम्मू-कश्मीर संविधान की धारा-92 को प्रयोग करके जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू करें और वर्तमान सरकार और विधानसभा को भंग करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि कश्मीर घाटी में तनाव की स्थिति को खत्म किया जा सके। प्रो. भीमसिंह ने कहा कि आज कश्मीर घाटी में वही हालात पैदा कर दिये गये हैं, जो 1947 में पाकिस्तान की ओर से आये कबायली बंदूकधारियों ने पैदा किये थे, उस समय भारतीय सेना और शेख अब्दुल्ला व उनके साथी मिर्जा अफजल बेग की रहनुमाई भी कश्मीरी अवाम के साथ थी।
प्रो. भीमसिंह ने कहा कि यह दुखदायक परिस्थिति है कि जम्मू-कश्मीर की आरएसएस (भाजपा)-पीडीपी की सरकार जम्मू-कश्मीर में लोगों के साथ मिलकर शांति बहाल करने में असफल रही है और कश्मीर घाटी को एक कारावास में बदल दिया गया है। उन्होंने कहा कि पूरी कश्मीर घाटी में घेराबंदी, पुलिस इत्यादि ने कर रखी है और एक सप्ताह से पूरी कश्मीर घाटी के लोग कैदियों की तरह अपने घरों में बंद करके रखा हुआ है।

कश्मीर घाटी को पूरे भारत से तोड़ने का भाजपा-पीडीपी का षड़्यंत्र
प्रो. भीमसिंह को पैंथर्स पार्टी के उपाध्यक्ष श्री मसूद अंद्राबी और कश्मीर प्रांत के अध्यक्ष फारूख डार ने दर्दनाक कहानी एक बीएसएनएल टेलीफोन से बयान की। उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी के लोग अपने-अपने घरों में बंदी बने हुए हैं, न रोटी, न खाना, न दवाई और न पानी। ऐसा लगता है कि अब उन्हें कोई व्यक्ति भी जीने का साहस नहीं दिलवा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार जैसी चीज भी कोई मौजूद नहीं है। कई बीमार लोग अपने घर में दम तोड़ गये हैं, उन्हें कब्रिस्तान में ले जाना भी मुमकिन नहीं है। ऐसा लगता है जैसे कश्मीर घाटी को पूरे भारत से तोड़ने का एक षड़्यंत्र चल रहा है और इसकी जिम्मेदारी होगी भाजपा-पीडीपी सरकार पर और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इन हालात के लिए जिम्मेदार होंगे।
प्रो. भीमसिंह ने भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब कुमार मुखर्जी से जम्मू-कश्मीर के लोगों के तरफ से पुरजोर अपील की है कि वे धारा-370 में राष्ट्रपति को दी हुई शक्तियों का प्रयोग करके जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल श्री एन.एन. वोहरा को निर्देश दें कि जम्मू-कश्मीर में मौजूदा सरकार को तुरंत भंग करके वहां की विधानसभा को भी भंग किया जाय और लोगों को इस अंधकार से निजात दिलवायी जाय।

भारत एक हो, इसका झंडा एक हो और इसका संविधान एक हो।
प्रो. भीमसिंह ने राष्ट्रपति यह भी अपील की कि जितने भी मासूम लोगों को खासकर युवाओं में जेल में बंद किया है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाय। उन्होंने धारा-370 में राष्ट्रपति से तुरंत संशोधन करने की अपील भी की, ताकि संसद को जम्मू-कश्मीर पर कानून बनाने का पूरा अधिकार मिल सके यानि भारत एक हो, इसका झंडा एक हो और इसका संविधान एक हो।