किसान आंदोलन के राजनीतिक आयाम से डरी हुयी है मोदी सरकार – अखिलेन्द्र
किसान आंदोलन के राजनीतिक आयाम से डरी हुयी है मोदी सरकार – अखिलेन्द्र
योगेंद्र यादव एवं आइपीएफ कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की आइपीएफ ने निंदा की
आइपीएफ के राष्ट्रीय संयोजक अखिलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि किसान आंदोलन के राजनीतिक आयाम ग्रहण करने की आशंका से मोदी सरकार डरी हुई है और इसीलिए उसने यह कायराना हरकत की है।
नई दिल्ली। आल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ) ने सरकार और प्रशासन के इस आरोप को कि योगेंद्र यादव व गिरफ्तार लोग स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के लिए खतरा हैं, को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि दरअसल किसान आंदोलन के राजनीतिक आयाम ग्रहण करने की आशंका से मोदी सरकार डरी हुई है और इसीलिए उसने यह कायराना हरकत की है।
फ्रंट किसानों के हितों के लिए आंदोलनरत योगेंद्र यादव और स्वराज अभियान समेत आइपीएफ के कार्यकर्ताओं की आधी रात को की गयी गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है।
आइपीएफ के राष्ट्रीय संयोजक अखिलेंद्र प्रताप सिंह ने सरकार से गिरफ्तार सभी कार्यकर्ताओं को तत्काल बिना शर्त रिहा करने की मांग की है।
आइपीएफ नेता ने कहा कि किसान आंदोलन के नेताओं पर हुए इस दमन से एक बार फिर यह बात साबित हुई है कि मोदी सरकार काले कानूनों और निरंकुशता के बल पर शासन करना चाहती है, जिसका संगठित किसान आंदोलन और लोकतांत्रिक ताकतें देश भर में पूरी ताकत से विरोध करेंगी।
श्री सिंह ने कहा कि यह खेदजनक है कि विकास के नाम पर अधिग्रहित रेसकोर्स की जमीन पर आज जुआ और शराब का अड्डा चल रहा है और इसकी जगह आजादी के आंदोलन में शहीद और सरकार की नीतियों के कारण आत्महत्या किए किसानों के सम्मान में स्मारक बनाने के लिए शांतिपूर्ण एवं लोकतंत्रिक ढ़ग से आंदोलन करने की भी सरकार इजाजत नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि रेसकोर्स की तरह ही पूरे देश में किसानों से जमीनें छीनकर रियलस्टेट के लिए बिल्डरों व कारपोरेट के हवाले की जा रही है। इसी को बढ़ाने के लिए सरकार बार-बार भूमि अधिग्रहण अध्यादेश ला रही है जिसके खिलाफ देश की किसान आंदोलन की ताकतें समग्र भूमि उपयोग नीति के लिए राष्ट्रीय आयोग के गठन की मांग पर चौतरफा आंदोलन कर रही है।


