गौर से देखिए ये भी हिन्दू राष्ट्र में भारत माता की संतानों की तस्वीरें हैं
प्रधानमंत्री जी "मुझे लगता हैं २ वर्ष की कार्यकाल में विदेश जाकर महिलाओ के सुरक्षा के प्रति आपने न तो किसी भी प्रकार की अध्ययन कियें और ना ही ईसमें आपको कोई रुचि हैं ।"- Rakesh Furba Sherpa‎

Indra Mani Upadhyay ने फेसबुक पर लिखा है-

कल पूरा तिनसुकिया बन्द था बाजार दुकान सड़कें.. अजीब सा सन्नाटा, किसलिए.. इस लड़की के लिए जिसका नाम चंपा क्षेत्री बताया जा रहा है। 20 वर्ष की यह लड़की 29 apr को अचानक गायब हुई फिर जब वह मार्घेरिटा पुलिस द्वारा 3 मई को लामा गाँव के पास दिहिंग नदी में मिली (लाश) तो किस हालत में थी.. उफ़ (फोटो में खुद देखें)। अपहरण बलात्कार फिर नृशंश हत्या.....।

कल AASGU के आह्वान पर 12 घंटे का बंद रखा गया। पुलिस ने लीडो क्षेत्र के 'बिश्वजीत क्षेत्री' और 'मोइनुल अली' नामक दो युवकों को इस आरोप में चिन्हित/गिरफ्तार किया है।

फिलहाल यह घटना भी इसी देश की है (गर आप इसे अपना मानते हों, क्योंकि आपके लिए दिल्ली ही देश है) पर डिग्री के फेर में उलझे देश को क्या किसी राष्ट्रीय चैनल या अख़बार में यह खबर नजर आई??? आएगी क्यों वैसे भी केरल से असम तक यह बातें राष्ट्रीय चरित्र बन चुकी हैं, इसलिए अब ये न्यूज़ का, प्राइम टाइम का टॉपिक नही रहीं।

तो प्यारे देशवासियों, मीडिया सुपरमैन्स, संसद में बैठे चौकीदारों... आप डिग्री-डिग्री खेलिए, हम चम्पाओं, जीशाओं की लड़ाई लड़ लेंगे, खुद ही उनकी आवाज़ बनेंगे...

चम्पा क्षेत्री 20 साल की लड़की थी नेपाली समुदाय से, सामान्य निम्न आयवर्ग फेमिली से.... वह स्नातक प्रथमवर्ष की छात्रा थी साथ मे पार्लर/ब्यूटीशियन का कोर्स कर रही थी जो कल को उसकी पढ़ाई परिवार को सहायता और थोड़ी आमदनी का जरिया बन पाता। आप सोचिए ऐसी लड़की की किस्से कोई अदावत रही होगी?
नीचे का चित्र All Assam Gorkha Students Union की चंपा हेतु न्याय की गुहार का है। ध्यान रहे यदि हम हाशिये पर पड़े एक समुदाय को न्याय नहीं दिला पाते हैं तो हमें अखंड भारत का सपना देखनेे का कोई अधिकार नही है।
‪#‎जस्टिस_फॉर_चंपा_क्षेत्री‬
फेसबुक पर ही इस घटना को लेकर Rakesh Furba Sherpa‎ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला खत लिखा है, जो निम्नवत् है

प्रति,
आदर्णीय नरेंद्र मोदी जी ।
प्रधान मंत्री, भारत सरकार ।

विषय :- न्याय के संदर्भ में ।

महोदय,
बड़ी ही दुख के साथ केहना पड़ रहा हैं कि यह तस्वीर हमारे असम राज्य के तिनसुकीया जिले के अंतर्गत मार्घेरिटा महकुमा बोरगोलाई की निवासी चम्पा छेत्री की हैं । जो मार्घेरिटा शहर में पार्लर का काम सिख रही थी । जिसकी उम्र करीब २० वर्ष की थी । बिते २९/०४/१६ की शाम जब चम्पा बहन पार्लर का काम समाप्त कर घर वापस लौट रही थी तो आज तक वह घर पहुँची ही नही ।
किसीने बताया की चम्पा बहन की लास नदी में तैर रही हैं । अपने परिवार की लाडली हमेशा के लिए अपने परिवार को छोड़कर चली गयी ।
परन्तु, प्रधान मंत्री महोदय जी, यह घटना कोई आम घटना नही, जो कि किसीकी प्यार में एक लड़की ने खुदकुशी कर ली ।

असल में हमारी बहन चम्पा छेत्री, ईन्सान के रुप में भेड़ीयो के हवस का शिकार हुई थी । उसे गिद्ध की तरह नोचा गया था । उसे बलात्कार कर नदी में मरने के लिए फेंक दिया गया । उसकी गलती ही क्या थी........? कि वह एक लड़की हैं ।
अरे उसे तो मालुम भी न था कि आज उसकी जिन्दगी का आखिरी दिन हैं ।
उसे क्या पता था कि आज कुछ पाखण्डी उसकी ईज्जत के साथ खेलने वाले हैं ।

बेड़ी ही दुख की बात हैं प्रधान मंत्री महोदय जी, जो घटना निर्भया के साथ हुई थी, वही घटना आज फिर असम के एक युवती के साथ हुई ।
फर्क सिर्फ ईतना हैं कि दिल्ली में कई सारे न्यूज चेनल उपलब्ध हैं जैसे AajTak, ABP news, NDTV india, Times NOW, । जिनके चलते सरकार तक बाते पहुँच पाती हैं । अगर कुछ घटनाए होती हैं तो वह बड़ी Issue बन जाती हैं । इस तरह से Telecast करते हैं कि प्याज के बड़ते कीमत की वजह से सरकारें बदल जाते हैं । राजनैतीक मुद्दा बनाया जाता हैं ।

लेकिन हमारा क्या ????
हमें आपलोगो तक बातें पहुँचाने के लिए क्या करना पड़ेगा ?

क्योंकि चेनल वालो को असम तथा उत्तरपूर्व की घटनाओ पर दिलचस्पी हैं ही नही और असमीया न्यूज आपलोग समझते नही ।
करे तो क्या करें यह अभागी जनता ?

जब इस घटना को लेकर लोगो में गुस्सा उमड़ रहा था तो लोग सड़क पर आकर आंदोलन करने लगे । अपने मन की भड़ास निकालने के लिए लोग नारेबाजी करने लगे ।अपने बहन/बेटी न्याय के लिए हाय-हाय, मुर्दाबाद का नारा लगाया गया । तो क्या हुआ. ? क्या ईस्से सरकार की कुर्सी चली गयी ?
क्या सरकार डगमगा गयें ?

पुलिस केहती हैं कि **अराजकता** फैल गयी हैं । एकबार पुलिस वाले भी आन्दोलन में उतर जाए तो इनका क्या होगा ???
क्या ईस वक्त ईस तरह की बाते पुलिसवालों द्वारा कहना उचित हैं ?

**अराजकता** कौन फैला रहा हैं? साधारण लोग? जिन्हे दो वक्त की रोटी के लिए कितने मेहनत करने पड़ते हैं ।
क्या **अराजकता** फैलाने के लिए उनके पास समय हैं?

प्रधान मंत्री महोदय जी,
ईन दो साल की कार्यकाल में आप संसार के विभिन्न देशो में घुमकर, उन देशो से नयी-नयी चीजें भारत में ला रहे हैं । कभी MODERN INDIA तो कभी MAKE IN INDIA कभी Infrastructure की बातें करते हैं तो कभी DIGITAL INDIA की बातें करते हैं । कभी *प्रधान मंत्री सड़क योजना* *प्रधान मंत्री बिमा योजना* कभी *अटल पेंसन योजना* ।

ये सभी अच्छी बातें हैं । हम भी ईन सभी योजनाओ का समर्थन करतें हैं ।

परन्तु, आपने कभी उन देशों में बलात्कारीयों पर किस तरह की सजा दी जाती हैं, ईस विषय में जान्ने की कोशिश की ?
कभी आपने विदेशो के कानून व्यवस्था पर ध्यान दिए ?
बाहरी मुल्क पर महिलाओ के सुरक्षा के प्रति किस तरह के नियम हैं ?
यदि महिलाओ/युवतियों पर कोई गन्दी नजर से देखता हैं तो उसपर किस तरह की कार्यवाही की जाती हैं, इस विषय पर क्या आपने अध्यन कियें ?

मुझे लगता हैं २ वर्ष की कार्यकाल में विदेश जाकर महिलाओ के सुरक्षा के प्रति आपने न तो किसी भी प्रकार की अध्ययन कियें और ना ही ईसमें आपको कोई रुचि हैं ।

कास आपकी भी ३/४ बेटियाँ होती !! तो सायद ईस विषय पर आप ध्यान देतें ।
महिलाओ के सुरक्षा के प्रति कड़े से कड़े नियम बनातें ।

अगर ईसी तरह रहा तो देखना कुछ दिन बाद आपके अपने Party के Rallyओ में एक भी महिला समर्थक नही मिलेंगे और तब ये मत कहियेगा कि RAKESH FURBA SHERPA ने आपको सुचित नही किया था ।

आशा करता हुँ हमारी प्यारी सी बहन चम्पा छेत्री के हत्यारों/बलात्कारियो को जल्द कड़ी सी कड़ी सजा मिलें ।

॥ ॐ शान्ति शान्ति ॥
॥ चम्पा बहन अमर रहे ॥ —

Champa Chettri, a 20-year-old resident of the Margherita town in the Tinsukia district of Assam, went missing on 28 April. On 3 May, Chettri's charred and decomposed body was recovered from the river. It was found that Chetri had been kidnapped and raped, after which an unsuccessful attempt was made to burn her body before it was dumped into the river.