कैंसर जीतने वाली बहादुर लड़की अनुराधा नहीं रही
कैंसर जीतने वाली बहादुर लड़की अनुराधा नहीं रही
पलाश विश्वास
बहुत बुरी खबर है।पुराना मोबाइल बदल जाने से दिलीप से लंबे अरसे से बात हुई नहीं है। घर में पीसी क्रैश हो जाने की वजह से आखिरकार मीडिया मोर्चे की खबर से पता चला कि कैंसर जीतने वाली बहादुर लड़की अनुराधा नहीं रही। सामाजिक सरोकारों से लबालब एक तेजस्वी युवा कलमकार के इस असमय निधन से स्तब्ध हूं। दिलीप को फोन भी नहीं कर पाया।न उससे फेसबुक से संपर्क हो सकता है। अपने ही परिजन के निधन पर इस शोक को बांटने के सिवाय हमारे पास कोई दूसरा चारा नहीं है। अनुराधा दो टूक लहजे में सटीक बातें करती थीं। इस बीच हम एकबार उनके घर जाने को थे जब हम आखिरीबार दिल्ली गये,संजोगवश जाना नहीं हुआ।दिलीप से जब भी बात हुई, अनुराधा के स्वास्थ्य के बारे में कोई आशंका की बात नहीं सुनी। अभी हमारे कई अत्यंत प्रियजन कैंसर से जूझ रहे हैं। हम उनके स्वस्थ होने की कामना ही कर सकते हैं।


