शिक्षा ही एक मात्र समाधान है
साइम इसरार
आज कल देश का माहौल बिगड़ने की कोशिश क्यों हो रही है क्या आपने कभी सोचा है? आज जो माहौल है उसका ज़िमेदार कौन है?
इस सब के ज़िम्मेदार हम लोग खुद हैं, क्यों कि जब तक हम यह नहीं मान ले कि शिक्षा ही एक मात्र हल है, तब तक इस समाज का कुछ नहीं हो सकता। जब तक हम अपने बच्चों का भविष्य नही सम्हालेंगे तब तक यही हाल रहने वाला है, क्यों कि आज तक जो भी कुर्सी पर बैठा है उसने समाज को गुमराह ही किया है।
अगर सब पढ़ लिख जाओगे तो इन नेताओं के पीछे कौन घूमेगा? कौन इनकी जय-जय कार करेगा और इनका सबसे ज़रूरी मुद्दा भी ख़त्म हो जायेगा। सबसे बड़ी परशानी इन्हें ही होगी क्यों कि हिन्दू मुस्लिम राजनीति ख़त्म हो जायेगी और यह बेचारे बेरोज़गार हो जाएंगे, शिक्षा ही एक मात्र विकल्प है। अगर हम चाहते हैं, हमारे बच्चे इस दहशत की जिंदिगी से महफूज़ रहें तो सोचो कहीं बहुत देर ना हो जाये और आखिर कब तक यूं ही धर्म के नाम पर हम लड़ते रहेंगे? कब तक सड़कों पर खून बहता रहेगा? कभी दादरी में अख़लाक़ कभी फरीदाबाद में दलित मासूम बच्चों को ज़िंदा जला दिया जाता है। आखिर कब तक ये सरकार मुआवजा देकर गरीबों का मजाक बनाती रहेगी?
कोई भी घटना हो सरकार केवल मुआवजा देकर अपना पल्ला झाड़ देती है। क्या ये मुआवजा ही उन पीड़ित लोगों के लिए काफी है? क्या सरकारें इन घटनाओं के लिये जिम्मेदार नहीं हैं?
बुझाकर बेवजह दीपक बहोत खुश आंधियाँ होगी,
मगर फिर आग के शोलों से रौशन बस्तियाँ होगी।
साइम इसरार