चुटका परमाणु योजना रद्द करो

जबलपुर : नर्मदा किनारे बरगी बांध के जलग्रहण क्षेत्र में प्रस्तावित चुटका परमाणु संयंत्र के विरोध मे स्थानीय आदिवासी समुदाय लगातार संघर्षरत है। भारी पुलिस बल के साये में 17 फरवरी, 2014 को पर्यावरणीय प्रभाव आकलन हेतु जन-सुनवाई सम्पन्न कराई गई। जिसका स्थानीय समुदाय द्वारा लिखित स्व प्रत्यक्ष कार्यक्रम स्थल पर पहुंच कर विरोध दर्ज किया। जिसके कारण आज तक इस परियोजना को पर्यावरणीय मंजूरी नहीं मिला है। इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण का अवार्ड पारित किया गया है, जिसकी समस्त प्रक्रियाओं का ग्रामसभा द्वारा एवं व्यक्तिगत लिखित में आपत्ति दर्ज कराया गया।

संविधान के पांचवीं अनुसूची वाले क्षेत्रों की ग्रामसभाओं को सर्वोच्च प्रधानता दी गई है तथा ग्रामसभा की अनुमति से ही अधिग्रहण का प्रावधान है। इसकी सरकार द्वारा अवहेलना किया जा रहा है। इस कारण आदिवासियों की संस्कृति, संसाधन एवं सामाजिक पहचान खत्म होती जा रही है।

एनएपीएम कीएकविज्ञप्ति में कहा गया है कि बरगी बाँध से परिवारों को आज तक आर्थिक एवं सामाजिक पुनर्वास नहीं होने के कारण जीवनयापन हेतु दर-दर भटकने मजबूर है। पांचवीं अनुसूची वाले क्षेत्रों में आदिवासी हितों की रक्षा हेतु राज्यपाल को असीमित अधिकार दिए गए हैं। इसी तारतम्य में चुटका के आस-पास विकासखण्ड बीजाडांडी एवं नारायणगंज (मण्डला) तथा विकासखण्ड घंसौर (सिवनी) ग्रामों द्वारा चुटका परियोजना के विरोध में प्रस्ताव लेकर सत्याग्रह स्थल पर आएंगे। जिसे एक प्रतिनिधि मण्डल राजयपाल एवं राष्ट्रपति को देकर परियोजना रद्द करने की मांग करेंगे। इस कार्यक्रम का समर्थन करने एवं शामिल होने हेतु नर्मदा बचाओ आन्दोलन की नेत्री मेधा पाटकर, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के हीरा सिंह मरकाम, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के बादल सरोज, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के अरविन्द श्रीवास्तव, किसान संघर्ष समिति के डॉ. सुनीलम्, सीपीआई (एमएल) रेड स्टार के विजय कुमार, समाजवादी जन परिषद के गोपाल राठी, सीएनडीपी दिल्ली के कुमार सुन्दरम्, जलवायु परिवर्तन विशेषज्ञ सौम्य दत्ता, आजादी बाचाओ आन्दोलन से मनोज त्यागी, स्वराज अभियान के मनजीत ठकराल, हमारा बीज अभियान के अनिल कर्णे, ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन के अजय यादव/शिव कुमार चौधरी एवं बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के राज कुमार सिन्हा आदि उपस्थित रहेंगे।

संघर्ष समिति ने सभी गणमान्य नागरिकों से इस न्याय की लड़ाई में शामिल होने की अपील की है।