छपरा (सारण ) में हुई साम्प्रदायिक तनाव पर बजरंग दल, विहिप की जाँच हो
छपरा (सारण ) में हुई साम्प्रदायिक तनाव पर बजरंग दल, विहिप की जाँच हो
छपरा। बिहार के छपरा (सारण ) में अभी हाल में हुई साम्प्रदायिक तनाव की घटना के बाद जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय (NAPM) ने विभिन्न मित्र संगठनों/व्यक्तियों का एक साझा जाँच दल घटना प्रभावित क्षेत्र में भेजा। विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में जाने, लोगों से बात करने के पश्चात जाँच दल सदस्यों ने एक प्रेस नोट जारी किया है।
संयुक्त जांच टीम ने वहां से लौट कर आने के बाद प्रेस से बात-चीत में कहा कि छपरा में हुयी तनाव की घटना प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण स्थानीय स्तर पर घटी पर विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल व उसके सरंक्षकों ने उसे रणनीति के तहत पूरे जिले में फैलाया, जिससे स्थिति भयावह हुई। अभी भी ग्रामीण इलाकों में पीड़ित लोग अपनी हुई क्षति की प्राथमिकी भी डर की वजह से नहीं करा पा रहे हैं।
अल्पसंख्यकों में भय व्याप्त है।
इस घटना की निरपेक्ष जांच एस0आई0टी0 से कराते हुए पीड़ितों को एक सप्ताह में उचित मुआवजा दिलाया जाय, साथ ही सद्भावना कायम करने के सभी प्रयास किये जायें।
जाँच टीम केसदस्यों ने बताया कि प्रभावित इलाके का भ्रमण करने व स्थानीय, पीड़ित लोगों व प्रत्यक्षदर्शियों से बातचीत करने पर पता चला है कि मकेर में स्थानीय लोगों ने फोटो/विडियो वायरल की सूचना पुलिस को दी थी और 4 अगस्त को ही पुलिस से अगले दिन होने वाले बंद व उपद्रव की आशंका जतायी थी। पर पुलिस प्रशासन हाथ पर हाथ धरे घटना को उपद्रव में बदलने का इन्तजार करता रहा। खुफिया विभाग और सरकारी महकमा ने भी कुछ नहीं किया।
घटना के दिन सुबह सात-आठ बजे पच्चीस की संख्या में लोग आये, तोड़ फोड़ कर चले गये।
बाहरी लोग भी आने लगे पर पुलिस प्रशासन ने कुछ नहीं किया।
दूसरी बार 9 बजे के लगभग फिर भीड़ मुबारक के घर आयी और उसके साथ-साथ आसपास में तोड़फोड़ की। फिर भी प्रशासन ने कुछ नहीं किया, जिसके बाद बढ़े मनोबल के साथ और संगठित और उग्र होकर दंगा करने के नियत से तीसरी बार हजारों की संख्या में दोपहर 12 से एक बजे के बीच लोग आये और घरों व दुकानों को चिन्हित करके आगजनी लूटपाट तोड़-फोड़ की। मस्जिदों को भी निशाना बनाकर क्षतिग्रस्त किया गया।
पीड़ित लोगों ने यह भी बताया कि इसमे शामिल लोगों के सर पर पीली पट्टी में बजरंग दल लिखा था।
जय श्रीराम, जय बजरंग बली, हर हर महादेव के नारे लगा रहे थे। इसको संगठित रूप से पूरे जिले में व आस पास के जिलों में फैलाया गया।
पीड़ितों ने कहा कि मकेर, सोनहो, अंजनी अमनौर में पीड़ित लोग अपनी क्षति की प्राथमिकी भी डर से नहीं कराये हैं। बाहर पलायन करके गये लोग, परिजनों की असुरक्षा के कारण घर लौट आये हैं। छोटी-मोटी दुकान जैसे पान, चूड़ी लहठी, मुर्गा/मीट, दर्जी, साइकिल इत्यादि का व्यवसाय करके अपनी आजीविका चलाने वाले लोग इस नुकसान से बर्बाद हो गये हैं। आजीविका गंवाने के बाद डर के महौल में दूसरे के यहां मजदूरी भी नहीं कर सकते और रोटी के लाले पड़े है।
अंजनी में लोगों ने यहां तक बताया कि मुस्लिम लोगों को अब भी वहां दुकान लगाने नहीं दिया जा रहा है।
अफवाह कभी-कभी उड़ रही है। राजनैतिक दल या सामाजिक संगठन के लोग भी इन ग्रामीण इलाकों में नहीं जा रहे है जिससे सद्भावना की कोशिशें कमजोर हैं।
इस टीम में शामिल लोगों ने बताया कि ऐसी परिस्थिति बन गयी है कि स्थानीय पुलिस इस घटना का निरपेक्ष जांच नहीं कर सकती, इसलिए सरकार तत्काल एस0 आई0 टी0 गठित कराते हुए फास्ट ट्रेक कोर्ट में सुनवायी कराये। पूरे मामले में बजरंग दल, विश्व हिन्दू परिषद व इनके संरक्षक संगठनों की भूमिका की जांच हो। जिन लोगों द्वारा प्राथमिकी नहीं दर्ज करायी गयी है उन लोगों के बयान दर्ज कर प्राथमिकी दर्ज करे। दोषियों पर कठोर कार्यवायी की जाय।
पीड़ितों को मुआवजा देकर उन्हे पुनर्वासित कराया जाय। सद्भावना की वातावरण निर्माण किया जाय।
जांच दल के सदस्यों ने यह भी कहा कि उन लोगों द्वारा भी वहां के लोगों को गोलबन्द कर सद्भावना मंच बनाने व शांति सम्मेलनों का आयोजनों के प्रयास किया जायेगा।
इस जांच दल में जेपी सेनानी व सामाजिक कार्यकर्ता रघुपति NAPM के राज्य संयोजक मण्डल के सदस्य एडवोकेट मणिलाल, व महेन्द्र, पत्रकार सीटू तिवारी, परसा के शगुनी की सरपंच बिन्दू देवी, सामाजिक कार्यकर्ता मिथिलेश यादव, इंजिनियर SM सैफ, JIH के जियाउल कमर, भूपेन्द्र राय थे। जबकि स्थानीय पंकज, संतोष सिंह व संजीव कुमार शर्मा, प्रमोद शामिल रहे।


