डिफॉल्टर पूंजीपति पांच सितारों में, आम आदमी कतारों में और आप विदेशी नजारों में, वाह मोदीजी वाह
नोटबंदी मोदी सरकार का फर्जीकल स्ट्राइक : लालू

नई दिल्ली। नोटबंदी से देश में मचे हाहाकार के बीच राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने आज पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ते हुये कहा कि यदि मोदी सरकार के 500 और 1000 रुपये के नोट पर रोक लगाने से लोगों के खाते में पंद्रह-पंद्रह लाख रुपये नहीं आये तो इसे ..फर्जीकल स्ट्राइक.. समझा जाएगा।
श्री यादव ने अलग-अलग ट्वीट कर कहा कि श्री मोदी को देश को भरोसा देना होगा कि नोटबंदी के कारण 50 दिन तक असुविधा होने के बाद केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के एजेंडे के अनुरूप लोगों के खाते में 15-15 लाख रुपये आ जाएंगे। उन्होंने कहा यदि ऐसा नहीं हुआ तो इसका मतलब होगा कि यह ‘फर्जीकल स्ट्राइक’ और आम जनता का ‘फेक एनकाउंटर’ था।
राजद सुप्रीमो ने कहा,

“हम काले धन के विरुद्ध हैं लेकिन प्रधानमंत्री जी आपकी नोटबंदी में दूरदर्शिता और क्रियान्वयन का पूर्ण अभाव दिख रहा है। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से पहले आम आदमी की सहूलियत का ख्याल रखा जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि इस अभाव के कुएं में देश को धकेलते समय श्री मोदी ने कहा कि नोटबंदी कुछ ही दिन की बात है। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इससे लोगों को 15 दिनों तक असुविधा होगी और अंतत: श्री मोदी ने इस अवधि को बढ़ाकर 50 दिन कर दिया।
राजद सुप्रीमो ने कहा कि क्या सरकार 50 दिन के बाद आंकड़ा सावर्जनिक करेगी कि खातों में पैसे होने के बावजूद कितने लोग खाने एवं इलाज के अभाव और सदमे में मारे गए। बैंक शाखाओं के आगे लोगों के लंबी लाइनों में खड़े रहने की वजह से देश को कितने अरब के उत्पादन का नुकसान हुआ।
श्री यादव ने मोदी सरकार पर नोटबंदी का सहारा लेकर जानबूझ कर ऋण नहीं चुकाने वालों (डिफॉल्टरों) को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुये कहा कि नोटबंदी के जरिये आम लोगों को परेशान करने से पहले मोदीजी को बताना होगा कि बैंकों का लाखो करोड़ रुपये डकारने वाले डिफॉल्टरों के खिलाफ सरकार क्या कार्रवाई कर रही है।

उन्होंने सवाल दागा कहीं यह नोटबंदी ऐसे डिफॉल्टरों को बचाने का प्रयास तो नहीं है।
पूरा देश प्रधानमंत्री से जानना चाहता है कि बैंकों का पूंजीपतियों पर कितने लाख करोड़ रुपये बकाया है और उसकी वसूली के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है।
राजद अध्यक्ष ने 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट पर प्रतिबंध लगाकार उसके स्थान पर 2000 रुपये के नोट को चलन में लाने के औचित्य पर सवाल खड़ा करते हुये कहा कि यदि सरकार भ्रष्टाचार को समाप्त करने और कालेधन पर लगाम लगाना चाहती है तो फिर 2000 रुपये के नोट की क्या जरूरत है? इस नोट का शुरू होना केंद्र सरकार की मंशा के खिलाफ आशंका उत्पन्न करता है।
लालू प्रसाद यादव ने कहा कि मोदी के नाटकीय भाषणों से आम जनता को न तो सांत्वना मिलेगी और न ही उनके दुखों का अंत होगा। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से स्थिति विस्फोटक हो रही है। लोग परेशान है और प्रधानमंत्री भाषण पर भाषण दिये जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी पर व्यंग्य बाण चलाते हुये उन्होंने कहा,
“डिफॉल्टर पूंजीपति पांच सितारों में, आम आदमी कतारों में और आप विदेशी नजारों में। ऊपर से कह रहे हैं कि जो कतारो में हैं वो चोर-नाकारे हैं।”

मोदी जी, देश को भरोसा दिजीए कि जनता को 2 माह पूर्ण असुविधा देने और काले धन की उगाही के बाद सबके खाते में 15 लाख रु आयेंगे।
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) November 13, 2016

हम काले धन के विरुद्ध हैं पर आपके कृत्य में दूरदर्शिता और क्रियान्वयन का पूर्ण अभाव दिख रहा है।आम आदमी की सहूलियत का ख्याल रखना चाहिए।
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) November 13, 2016

अगर ये सब करने के बाद भी लोगों को 15लाख नही मिले तो इसका मतलब होगा कि यह "फर्जिकल स्ट्राइक" था। और इसके साथ ही आम जनता का "फेक-एनकाउंटर" भी।
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) November 13, 2016

क्या सरकार 50 दिन के बाद आंकड़ा सावर्जनिक करेगी कि खातों में पैसे होने के बावजूद कितने लोग खाने व ईलाज के अभाव और सदमे में मारे गए।
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) November 13, 2016

मोदी बताये कि अगर करप्शन और काला धन समाप्त करना चाहते है तो 2000₹ का नोट क्यों बनाया? आपकी इस मंशा पर देश को शंका है।
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) November 13, 2016

क्या मोदी बताएँगे की लोगों के लंबी लाइनों में खड़े रहने की वजह से देश को कितने अरबों Man hours एवं प्रोडक्शन का नुकसान हुआ?
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) November 13, 2016

मोदीजी बताये कितने पूंजीपतियों का कितना लाख करोड़ बैंकों पर बकाया है और उसकी उगाही के लिए सरकार क्या कठोर कदम उठा रही है?देश जानना चाहता है
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) November 13, 2016

आम आदमी को परेशान करने से पहले ये बताओ बैंकों का लाखो करोड़ डकारने वाले "डिफॉल्टर्स" पर क्या कार्रवाई कर रहे है?ये उनको बचाने का नाटक तो नही
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) November 13, 2016

इस 'अभाव के कुँए' में देश को धकेलते समय आपने कहा कि कुछ दिन की बात है,फिर जेटली जी 15 दिन बोल गए और अब 50 दिन? निम्न वर्ग जूझ रहा है।
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) November 13, 2016

डिफॉल्टर पूंजीपति पाँच सितारों में
आम आदमी कतारों में
आप विदेशी नजारों में।।

और ऊपर से कह रहे हो जो कतारों में है वो चोर-नाकारें है।
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) November 13, 2016

नाटकीय भाषणों से आमजनता को ना सांत्वना मिलेगी और ना दुःखों का अंत होगा।स्थिति विस्फोटक हो रही है।लोग परेशान है और आप भाषण पर भाषण पेल रहे है
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) November 13, 2016

मोदीजी आप 50 दिनों की "सीमित असुविधा" की बात कर रहे हैं, तो क्या समझा जाए कि आपके वादानुसार 50 दिनों बाद सबके खातों में 15-15 लाख आ जाएँगे?
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) November 13, 2016