हेमा मालिनी जी की मर्सिडीज ने जयपुर में एक आल्टो कार को ठोंक दिया। मालिनी देवी जी के चेहरे पर खरोंचे आ गयी हैं। यह दीगर बात है कि आल्टो में सवार छह वर्षीया बच्ची की मौत हो गयी है और बाक़ी गम्भीर घायल। आल्टो वाले पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। यह भी सुनिश्चित हो कि भविष्य में जब कोई अन्य हल्का वाहन देवी जी की पावरफुल कार से ठुके, तो देवी के चेहरे पर खरोंच न आने दे।

- Rajiv Nayan Bahuguna Bahuguna
मेरा संयोजन
नयन दाज्यू ने जायज बात कही है, लेकिन हम लोग दिल से बेकाबू हैं, क्योंकि हेमाजी अब भले सांसद और नानी हों, वे हमारे जवान दिनों की स्वप्न सुंदरी रही हैं और परदे पर अब भी वही स्वप्नसुंदरी बनी हुई हैं।
खास बात तो यह है स्वभाव से धार्मिक होने के बावजूद वे कमसकम दुर्गावाहिनी में शामिल नहीं दीखतीं और न साध्वियों की भाषा बोलती हैं।
इसलिए उनकी दुर्घटना में आयी चोटें हमें भी लहूलुहान करती हैं।
मीडिया में भी हमारे ही भाई बंधु हैं, जिन्हें स्वप्नसुंदरी के खरोंचों की तो बेइंतहा फिक्र है, लेकिन उस मासूम बच्ची के लिए शोक के दो लफ्ज़ भी नहीं हैं, जो ड्रीमगर्ल के फर्राटे में शहीद हो गयी।
उस शहादत के नाम मीडिया की कुछ कतरनें भी देख लें।
पलाश विश्वास