दिग्विजय सिंह की खरी-खरी : ईवीएम से बनी मोदी सरकार से वही लड़ सकता है, जिस पर ईडी, सीबीआई के मामले न हों

कानपुर, 12 नवम्बर 2019. मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने साफ-साफ कहा है कि मोदी सरकार से वही लड़ सकता है, जिसके ऊपर ईडी और सीबीआई के मामले न चल रहे हों, क्योंकि सरकार इन जांच एजेंसियों को हथियार के रूप में इस्तेमाल करती है।

यहां चल रहे इंटक (राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस) के तीन दिवसीय सम्मेलन में बोलते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा,

"ईवीएम से बनी इस मोदी सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों से वही लड़ सकता है, जिसके खिलाफ सीबीआई, ईडी आदि की जांच न चल रही हो, क्योंकि सरकार आयकर से लेकर इन विभागों को हथियार बनाकर काम कर रही है।"

दिग्विजय सिंह ने कहा,

"अमित शाह और मोदी का आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं है, इसलिए वे सरदार पटेल की मूर्ति बनाकर फायदा लेना चाहते हैं। केंद्र में मजदूर विरोधी सरकार बैठी है। लाभ के सार्वजिनक उपकरण बेचने की सरकार साजिश कर रही है। सार्वजनिक क्षेत्र बर्बाद हो गया है।"

Patel was not in favor of imposing a tax on milk products, but the BJP government also imposed a tax on it.

भाजपा सरकार पर हमलावर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पटेल दुग्ध उत्पादों पर टैक्स लगाने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन भाजपा सरकार ने इस पर भी टैक्स लगा दिया।

दिग्विजय सिंह ने कहा,

"बीएसएनएल के 70 हजार कर्मी वीआरएस लेने की लाइन में खड़े हैं। कैसी स्थिति है यह। कानपुर कभी मैन्चेस्टर रहा है। लेकिन यहां का कपड़ा उद्योग खत्म कर दिया गया।"

उन्होंने कहा,

"केंद्र सरकार उद्योगों को खड़ा करने के नाम पर श्रमिकों के काम के घंटे आठ से नौ करने का बिल ला रही है। जबकि जापान जैसा देश फाइव डे के बजाय फोर डे वीक कर रहा है।"

Only one who can fight the EVM-made Modi government does not have ED, CBI cases: Digvijay Singh