नई दिल्ली। ट्विटर पर चले #‎बस्सी_से_आज़ादी हैशटैग के बाद ख़बर आई है कि दिल्ली पुलिस ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया है कि उसके पास जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के विरुद्ध देशद्रोह के कोई सुबूत नहीं हैं। उधर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आलोक कुमार वर्मा ने आज दिल्ली पुलिस के नए आयुक्त के रूप में प्रभार संभाल लिया है। वर्मा ने इस पद को एक ऐसे समय पर संभाला है, जब जेएनयू प्रकरण से निपटने को लेकर दिल्ली पुलिस आलोचनाओं का सामना कर रही है।
निजी समाचारचैनल CNN-IBN ने #BREAKING NEWS दी है कि दिल्ली पुलिस ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया है कि उसके पास जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के विरुद्ध देशद्रोह के सुबूत नहीं हैं।
दिल्ली पुलिस के इस बयान के बाद मानव संसाधन मंत्री स्म़ति ईरानी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। उधर ज़ी न्यूज़ सहित उन मीडिया घरानों के विरुद्ध देशद्रोह का मुकदमा कायम करने की मांग ज़ोर पकड़ने की संभावना है, जिन्होंने कन्हैया कुमार का फर्ज़ी वीडियो तैयार कर देशद्रोह किया है।
विस्तृत समाचार की प्रतीक्षा है।
#BREAKING | Delhi Police told Delhi HC they have no evidence against JNUSU Prez Kanhaiya Kumar #SeditionDebate

#BREAKING | Delhi Police told Delhi HC they have no evidence against JNUSU Prez Kanhaiya Kumar #SeditionDebate pic.twitter.com/KS7xYJZds3
— CNN-IBN News (@ibnlive) February 29, 2016

No video evidence to show Kanhaiya was engaged in anti-national acts: Police to Delhi High Court #SeditionDebate pic.twitter.com/nVS4goyMF7

— CNN-IBN News (@ibnlive) February 29, 2016

The Delhi police accepted that there was no video in which Kanhaiya Kumar can be seen raising slogans and there is no independent witness.
— Ajit Anjum (@ajitanjum) February 29, 2016

ऐसा कैसे हो सकता है. बस्सी ने कहा-सबुूत है. राजनाथ सिंह ने कहा-सबूत है. फिर ये कैसे हो सकता है ? https://t.co/S48rnpa46o

— Ajit Anjum (@ajitanjum) February 29, 2016