खाने-पीने में सेहत और संयम का ध्यान रहे, शारीरिक गतिविधि खूब हो

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (देशबन्धु)। दिवाली रोशनी, समृद्धि और उत्साह का त्यौहार है और खुशियों के साथ साथ इस त्यौहार पर सेहत पर ध्यान की भी बड़ी जरूरत है। घी, मावे की मिठाइयां, पटाखों का शोर व आतिशबाजी का धुंआ सेहत के लिए जोखिम पैदा करता है। आंकड़ों के अनुसार, आतिशबाजी से हर साल करीब 60,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन होता है। आईएमए का कतना है कि यह न केवल पर्यावरण के लिए खतरनाक है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी चिंताजनक स्थिति है। मिठाई और अल्कोहल को भी इसमें जोड़ दे ंतो वजन बढऩे का खतरा भी पैदा हो जाता है।

दीवाली वर्ष का वह समय है जब लोग अपने भोजन, पीने और फिटनेस की आदतों का ट्रैक खो देते हैं। इसके अलावा, अस्थमा व हृदय रोगियों के लिए पटाखों से निकली कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसें खतरा पैदा कर देती हैं।

इस बारे में जानकारी देते हुए, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष पदमश्री डॉ. केके अग्रवाल तथा आईएमए के मानद महासचिव डॉ. आरएन टंडन ने कहा, 'दीवाली के दौरान खाने-पीने और नींद की आदत, तीनों ही में परिवर्तन आता है। देर रात पार्टियों में अनाप शनाप खाने, शराब पीने और व्यायाम की कमी से सेहत पर कई तरह से प्रभाव पड़ता है। लोग खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं। मिठाई में इस्तेमाल की गयी सफेद चीनी मधुमेह उत्पन्न कर सकती है।

अस्थमा रोगियों को इस दौरान सावधान रहना चाहिए, क्योंकि पटाखे से निकला धुंआ श्वसन संबंधी बीमारियां बढ़ा सकता है। सुनने में कठिनाई, उच्च रक्तचाप और मानसिक चिड़चिड़ापन पैदा हो सकता है। यह हृदय की बीमारियों को बढ़ा सकता है। ऐसे में कई बार हृदय की तकलीफ बढ़ सकती है। मोमबत्ती से भी प्रदूषण होता है। मोम जलने से कार्सिनोजेन निकलते हैं और यह इनडोर प्रदूषण का कारण बन सकता है। दीवाली पर आग लगने का खतरा भी बना रहता है और ऐसे में जलने की घटनाएं हो सकती हैं। पटाखों से भी दुर्घटनाएं हो जाती हैं। बच्चों की आंखों को चोट पहुंचती है। आंखों में जलन हो सकती है। लोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक अल्कोहल की अधिक मात्रा का सेवन कर लेते हैं। वह एक अलग खतरा है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि दीवाली पर खाने के लिहाज से सबसे अच्छी चीज है फल और सूखे मेवे। सड़क के किनारे बनी दुकानों से मिठाई और दुग्ध उत्पाद या मिठाइयां खरीदने से बचें। एक घंटे में 30 मिली से अधिक अल्कोहल लेने के बाद ड्राइव नहीं करना चाहिए। ऐसे ही, जुआ खेलते समय किसी से बहस नहीं करना चाहिए, क्योंकि शराब के प्रभाव में कोई व्यक्ति आपको नुकसान पहुंचा सकता है।