नस्लवादी

कोई भेड़िया भी खटखटाये
बेखौफ खोल देना दरवाज़ा

पनाह देना उसे
नस्लवादी कहीं पास ही होंगे
सबका पीछा करते हैं
दाँतों को दिन रात पैना करते हैं

जसबीर चावला