पेशे से हकीम 40 वर्षीय इस शख्स का 10 साल से पता लखनऊ जेल है
राजीव यादव
नाम- हकीम तारिक़ अहमद, उम्र- 30, रंग- गोरा
ग्राम- सम्मोपुर आइमा, पोस्ट- रानी की सराय, थाना- रानी की सराय जिला- आजमगढ़...
आजमगढ़ के गली-मोहल्लों में 10 साल पहले इस लापता शख्स को खोजने के लिए लगे पोस्टर आपको याद हैं कि नहीं?
अगर नहीं तो यादाश्त पर जोर डालें? क्यों कि ऐसा होना लोकतान्त्रिक व्यस्था में खतरनाक बीमारी के लक्षण हैं।
पेशे से हकीम इस शख्स का नाम तारिक़ कासमी है। 40 वर्षीय इस शख्स का 10 साल से पता लखनऊ जेल है।
12 दिसंबर 2007 को अपने घर से सरायमीर में हो रहे एक धार्मिक आयोजन की तैयारियों के सिलसिले में जा रहे इस शख्स को रानी की सराय चेकपोस्ट से यूपी ने एसटीएफ़ गायब कर दिया था।
22 दिसंबर को मरहूम मौलाना खालिद मुजाहिद के साथ बाराबंकी से हूजी आतंकी के रूप में गिरफ़्तार करने का दावा मौजूदा भाजपा नेता व तत्कालीन एडीजे लॉ एंड ऑर्डर बृजलाल ने किया था।

क्या उस राजनीति जिसके ये शिकार हुए, 10 साल पहले की तत्कालीन सरकार जिसने जेल की सलाखों के पीछे डाला और मौजूदा सरकार जो वादा कर मुकर गई, आप उसको माफ़ कर देंगे?
हमारा जमीर नहीं गवाही देता और आपका भी नहीं देगा ऐसा विश्वास है हमें...