प्यार की खूबसूरती को परिवारिक कहानी में डालकर दिखाती है “एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा”
प्यार की खूबसूरती को परिवारिक कहानी में डालकर दिखाती है “एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा”
बॉलीवुड Bollywood में कभी-कभी कुछ फिल्में ऐसी बनती हैं, जिसे आप सिर्फ देख नहीं बल्कि महसूस कर सकते हैं। शैली चोपड़ा धर की डेब्यू फिल्म Shelly Chopra Dhar's Debut Film “एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा” Ek Ladki Ko Dekha Toh Aisa Laga फिल्म को सोचने और ध्यान देने पर मजबूर करती है, और इस बात की पैरवी करती है कि प्यार को समझो और महसूस करो, उसे जेंडर के दायरे में मत बांधो।
“एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा” की कहानी
साहिल मिर्जा (राजकुमार राव) की मुलाकात स्वीटी चौधरी से दिल्ली में होती हैं, और हमारे आर्टिस्ट को पहली ही नजर में प्यार हो जाता है। साहिल अपने प्यार के लिए शहर बदलता है, लड़की को तलाशता है, उसके घर वालों को मनाता और शादियों की तैयारी में जुट जाता है, लेकिन स्वीटी को किसी और से प्यार है और यही से असली कहानी शुरू होती है।
स्वीटी चौधरी (सोनम कपूर) मोगा (पंजाब) के सबसे अमीर आदमी की बेटी है। उसके पिता बलविंदर (अनिल कपूर), जिन्हें पंजाब का मुकेश अंबानी भी कहा जाता है, एक गार्मेंट की फैक्टरी के मालिक हैं।
साहिल अपने साथ कैटेरर छत्रो (जूही चावला) के साथ मोगा आ जाता है। फिल्म की बाकी कहानी इन्हीं किरदारों के इर्द-गिर्द घूमती है। हर किरदार किस तरह अपने अंदर के द्वंद्व से लड़कर प्यार के सच्चे रूप को किस तरह स्वीकार करता है, यही कहानी है।
शैली चोपड़ा (shelly chopra director) एक अलग तरह का रोमांस लेकर आई हैं। एक ऐसे मुद्दे के साथ जिसके बारे में आज भी समाज शर्म- लिहाज के डर से छिप छिपाकर ही बातें करता है। सालों से जहां हमने फिल्मों में LGBT समुदाय का मजाक ही बनते देखा है, इस फिल्म में वह किसी ताजे हवा के झोंके की तरह लगती है और एक उम्मीद जगाती है।
क्लाईमैक्स में रूला डालते हैं अनिल कपूर
यह तारीफ के काबिल है कि सोनम कपूर जैसी मेनस्ट्रीम एक्ट्रेस ने इस किरदार के लिए हामी भरी। भावनात्मक रुप से दमदार इस किरदार में सोनम कपूर ने शानदार अभिनय किया है। अनिल कपूर पूरी फिल्म में अपनी चमक बनाए रखते हैं और वहीं क्लाईमैक्स में रूला डालते हैं।
राजकुमार राव (rajkummar rao) की बात करें तो शायद ऐसा कोई किरदार बना ही नहीं है, जो यह कलाकार ना निभा पाए। साहिल मिर्जा के किरदार में राजकुमार ने कॉमेडी, इमोशन, आक्रोश सब कुछ दिखाया है। जूही चावला अपने किरदार में परफेक्ट हैं। वहीं, रजीना केसांड्रा, सीमा पाहवा और बिजेन्द्र काला कम समय में भी अपना प्रभाव छोड़ जाते हैं।
फिल्म का संगीत कहानी के साथ-साथ आगे बढ़ता है और प्रभावपूर्ण है। कुल मिलाकर एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा प्यार की खूबसूरती को परिवारिक कहानी में डालकर दिखाती है।
फिल्म – एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा रिव्यु
फिल्म – एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा
डायरेक्टर- शेल्ली चोपड़ा धर
एक्टर – अनिल कपूर, सोनम कपूर, राजकुमार राव, जूही चावला, रजीना केसांड्रा, सीमा पाहवा और बिजेन्द्र काला.
(न्यूज़ हेल्पलाइन)
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