नई दिल्ली। राजनीतिक दल से केजरीवाल-मनीष सिसौदिया एण्ड कंपनी में तब्दील हुई आम आदमी पार्टी में उठा तूफान और तेज हो गया है। स्वामी अग्निवेश, मुफ्ती शमून अहमद काजमी, अश्विनी उपाध्याय, बिन्नी-इल्मी से सफलतापूर्वक निपट चुके केजरीवाल की समाजवादी धारा के धड़े ने हवा निकाल दी है। समझा जा रहा है कि केजरीवाल को इस प्रकरण से जबर्दस्त राजनीतिक नुकसान हुआ है, भले ही वे “पांच साल केजरीवाल” पर खुश हो सकते हैं। आज दिल्ली में योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, प्रोफेसर आऩंद कुमार और प्रोफेसर अजीत झा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके लगाया पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र खत्म होने का आरोप लगाया। प्रशांत भूषण ने केजरीवाल पर जमकर हमला बोला।
प्रशांत बताया कि केजरीवाल ने कहा था कि हम 67 विधायकों के साथ अपनी अलग पार्टी बनाकर सरकार चलाएंगे।

अपनी मर्जी चलाते हैं केजरीवाल
प्रशांत भूषण ने बताया कि बैंगलोर से आने के बाद केजरीवाल को हमसे मिलने का वक्त नहीं मिला। उन्होंने कहा कि हमसे कहा गया कि आप इस्तीफा दे दें बाकि हम देख लेंगे। ये बात केजरीवाल की तरफ से बार-बार कही गई। प्रशांत ने कहा कि केजरीवाल चाहते हैं कि जो वो चाहते हैं जो वो कहे वही हो। मैंने उन्हें कई बार समझाया कि हर आदमी को अपनी राय रखने का अधिकार होना चाहिए, तो केजरीवाल ने कहा कि मैंने आज तक ऐसी जगह काम नहीं किया जहां मुझे दूसरी की सुननी पड़े।

केजरीवाल के फैसलों की वजह से पार्टी की भद्द पिटी, फिर भी केजरीवाल की नीयत साफ, तरीका गलत ?
प्रशांत भूषण ने कहा कि केजरीवाल की नीयत साफ है, लेकिन काम करने का तरीका गलत है। नीयत साफ होना ही काफी नहीं होता। पार्टी में ऐसे लोग भी होने चाहिएं, जो गलत चीज पर आवाज उठाएं। केजरीवाल के फैसलों की वजह से पार्टी की भद्द पिटी। प्रशांत ने कहा कि कल झूठी खबरें चलाई गईं कि मैंने और योगेंद्र ने इस्तीफा दे दिया है। ये खबर गलत है। इसके साथ हमारी मांगे पूरी करने की बात भी गलत की गई।

कांग्रेस का समर्थन लेना चाहते थे केजरीवाल
प्रशांत भूषण ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद केजरीवाल कांग्रेस से समर्थन लेकर सरकार बनाना चाहते थे। मैंने कहा था बात पीएसी में होनी चाहिए, ज्यादातर लोगों ने सरकार बनाने के खिलाफ वोट दिया। अरविंद ने कहा कि मैं संयोजक हूं। मैं तय कर सकता हूं कि सरकार बनानी चाहिए। मैंने कहा राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बात होनी चाहिए। राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने भी प्रस्ताव खारिज कर दिया। फिर भी अरविंद ने उपराज्यपाल को चिट्ठी लिखी कि हम सरकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जब ये बात लीक हुई तो उससे इनकार कर दिया। जब चिट्ठी दिखाई तो हम लोगों की किरकिरी हुई।

योगेंद्र यादव का हमला – किसी की बपौती नहीं “आप”
इससे पहले योगेंद्र यादव ने अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला। योगेंद्र यादव ने कहा कि पार्टी किसी एक शख्स की नहीं है। ये पार्टी आंदोलन से पैदा हुई पार्टी है। पिछले एक महीने में काफी कुछ टूटा है। योगेंद्र यादव ने कहा कि हमने पार्टी के सामने कुछ मुद्दे उठाए थे, ये मुद्दे हमारे निजी नहीं थे। हमारा पहला मुद्दा स्वराज का था, दूसरा मुद्दा आरटीआई के दायरे में आए पार्टी, राज्यों की स्वायत्तता का मुद्दा और कार्यकर्ताओं का मुद्दा उठाया। ये चार चीज हमने मांगी थी।

योगेंद्र यादव ने त्यागपत्र से किया इनकार
योगेंद्र यादव ने अपने त्यागपत्र के मुद्दे पर कहा कि मैंने त्यागपत्र नहीं दिया था। मैंने एक नोट दिया था जिसे त्यागपत्र कह दिया गया। उन्होंने कहा कि अगर आप भी वहीं करेगी तो बाकि पार्टियों और हममें क्या फर्क रहेगा।
योगेंद्र यादव ने बताया कि हम जब सवाल करते हैं तो पूछा जाता है कि आप अरविंद केजरीवाल के साथ हैं या नहीं। ये उनके साथी उनके साथ अन्याय कर रहे हैं। हर बात को संयोजक के साथ नहीं जोड़ना चाहिए। क्या आम आदमी पार्टी भी दूसरी पार्टियों की तरह बन जाएगी। क्या ये पार्टी ऐसी पार्टी बनेगी कि किसी के खिलाफ भी जांच हो सकेगी।