अमेरिका (America) ने ईवीएम हैकर (EVM hacker) के नाम से संबोधित हो रहा सैयद शूजा (Syed Shuja) को राजनैतिक शरण (political asylum) दी है। सुरक्षा की खातिर शाहरुख खान की पेंट तक उतरवाने वाले अमेरिका ने यह राजनैतिक शरण सबूतों के पुख्ता होने के बाद ही दी होगी। खासकर जब ओबामा जी और ट्रम्प जी की मोदी जी से व्यक्तिगत दोस्ती दुनिया में किसी से छिपी नहीं है, मोदी जी का डंका अमेरिका सहित विश्व में बज रहा हो, ऐसे में मोदी जी यानी भारत सरकार का विरोधी वह भी मुस्लिम अगर अमेरिका में राजनैतिक शरण पा रहा है तो उसकी बात ध्यान से सुननी बेहद जरूरी हो जाती है।

संदीप वर्मा

अगर इस सैयद शूजा ने गलत बयानी करके अमेरिका में राजनैतिक शरण पाई है, तो हर देशभक्त का कर्तव्य है कि वह उसके झूठ को साबित करे और उसके अंजाम तक पहुंचाये। अमेरिका और भारत में भाजपा समर्थक हिंदू सहित भारतीय दूतावास, चुनाव आयोग, भारत सरकार देश की चुनाव व्यवस्था पर लगने वाले इस आरोप को बिना सुने समझे नकारने की कोशिश से दुनिया इसे नकारने वाली नहीं है।

मोदी जी के भक्त भारत में हैं। शेष दुनिया में मोदी जी को तो अपनी सरकार और चुनाव प्रक्रिया के बारे में भरोसा बनाने के लिए सभी प्रयत्न करने हैं।

सनद रहे, नोटबंदी के बाद भारत ने नेपाल जैसा दोस्त सिर्फ इसलिए चीन को उपहार में दे दिया है, क्यों कि भारत नेपाल के पास भारतीय नोटों को बदलने में आनाकानी कर रहा है। और अमेरिका कोई नेपाल नहीं है, यह भक्तों और मीडिया को समझ लेना चाहिए।

ईवीएम पर आरोप लगाने वाली बसपा और सपा ने भी इस आयोजन से दूरी बनाये रखी, इसकी वजह उनकी वही है जो उन्हें अपने गठबंधन को आधा अधूरा बनाने की है। केजरीवाल जी की पार्टी को भी बताना चाहिए कि वे विदेश में राजनीतिक शरण पाए इस व्यक्ति की प्रेस कांफ्रेस में दूरी बनाये रखने में उनकी क्यों रूचि थी।

कपिल सिब्बल जी ने प्रेस कांफ्रेंस में जाकर एक जिम्मेदार शहरी, नागरिक और देश की चुनाव प्रक्रिया के सम्मान पर प्रश्न उठाने वाले से रूबरू मुलाकात करने की रूचि जाहिर की। निश्चित ही अगर सैयद शुजा रूबरू वहां होता तो कपिल सिब्बल जी ने तीन चौथाई मसला अपने अनुभवों से वही हल कर दिया होता। फिलहाल सिब्बल जी ने सैय्यद शुजा के आरोपों को भारत सरकार के सामने लाकर आरोपों की जांच करने का सुअवसर दिया है।

यह बेहद अपमानजनक हालत होती अगर अमेरिकी प्रशासन ऐसी किसी जांच के लिए मोदी जी पर दबाव डालता। फिलहाल तो भाजपा और मोदी समर्थको को श्री कपिल सिब्बल जी का आभार जताना चाहिए कि उन्होंने मोदी सरकार को एक अप्रिय स्थिति का सामना करने से बचा लिया है। भक्तों और मीडिया को समझ लेना चाहिए कि तूफ़ान आने पर अगर मोदी सरकार, मीडिया या भक्त शुतुरमुर्ग की तरह रेट में सर गाड़ लेंगे तो वे तूफान से बच जायेंगे। ईवीएम हैकिंग के इस तूफ़ान का सामना करने के बाद ही वे अपनी जान बचा सकते हैं।

(संदीप वर्मा, लेखक शिक्षक व राजनीतिक विश्लेषक हैं। पिछड़ों की राजनीति के विशेषज्ञ हैं।)वैसे हमें लगता है कि सैयद शुजा ने मार्निंग वाक् के अपने शौक के कारण अमेरिका में शरण मांगी है। अमेरिका में राजनीतिक शरण में होने के कारण सैयद शुजा को मार्निग वाक् से भी नहीं डरना होगा।

चुनाव आयोग और भारत सरकार की यह जिम्मेदारी है कि दुनिया में जिस तरह मोदी सरकार का डंका बज रहा है, उसमें सैयद शूजा के आरोपों की निष्पक्ष जांच करके डंके को साफ सुथरा ही बजने दिया जाय। ऐसा न हो कि नासमझी में नेपाल जैसा डंका बजने की बजाए लोगों को फटे ढोल की आवाज सुनाई दे।

(संदीप वर्मा, लेखक शिक्षक व राजनीतिक विश्लेषक हैं। पिछड़ों की राजनीति के विशेषज्ञ हैं।)

क्या यह ख़बर/ लेख आपको पसंद आया ? कृपया कमेंट बॉक्स में कमेंट भी करें और शेयर भी करें ताकि ज्यादा लोगों तक बात पहुंचे