छोटे करदाताओं के लिए कर दरों में कटौती के साथ आम बजट 2017-18 में राजस्‍व जुटाने के लिए अनेक उपायों की घोषणा

नई दिल्ली, 01 फरवरी। छोटे करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए तथा अब और भी अधिक लोगों को कर दायरे में लाने के लिए केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्री श्री अरुण जेटली ने 2.5 लाख रुपये और 5 लाख रुपये के बीच की व्‍यक्तिगत आय पर टैक्‍स की दर को 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत के स्‍तर पर लाने की घोषणा की है।

इस कदम के कारण सरकार द्वारा परित्‍यक्‍त की जाने वाली कुल कर राशि 15,500 करोड़ रुपये बनती है।

बजट 2017-18 में संसाधन जुटाने के लिए भी वित्‍त मंत्री ने कई कदमों की घोषणा की है।

संसद में आज आम बजट 2017-18 पेश करते हुए केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्री ने निम्‍नलिखित उपाय प्रस्‍तावित किए :

आयकर अधिनियम की धारा 115बीबीडीए के प्रावधानों को विस्‍तृत किए जाने का प्रस्‍ताव है, जिनमें धारा 12एए के अंतर्गत अथवा धारा 10 (23सी) में उल्लिखित पंजीकृत घरेलू कंपनियों अथवा न्‍यास या संस्‍था अथवा निधि को छोड़ सभी निवासी व्‍यक्तियों के मामले में लाभांश आय के 10 लाख रुपये से अधिक होने पर 10 प्रतिशत की दर से कर लगाने का प्रावधान है। इस समय ये प्रावधान केवल व्‍यक्तियों, हिन्‍दू अविभक्‍त परिवार (एचयूएफ) और फर्मों पर लागू हैं।

एक अक्‍टूबर, 2004 के बाद अधिग्रहीत सूचीबद्ध शेयरों के हस्‍तांतरण के मामले में हासिल दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ से छूट पर कुछ बंदिशें लगाई गई हैं।