बिजली चोरी पर मुख्यमंत्री के बयान का स्वागत : बिजली व्यवस्था सुधार में अभियन्ता देंगे पूर्ण सहयोग
बिजली चोरी पर मुख्यमंत्री के बयान का स्वागत : बिजली व्यवस्था सुधार में अभियन्ता देंगे पूर्ण सहयोग
लखनऊ। बिजली चोरी पर सख्त कार्यवाही किये जाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वक्तव्य का स्वागत करते हुए उप्र के बिजली इन्जीनियरों ने कहा है कि बिजली चोरी रोकने और बिजली व्यवस्था में गुणात्मक सुधार हेतु विद्युत अभियन्ता नई सरकार के संकल्प को साकार करने में पूर्ण सहयोग करेंगे।
आल इण्डिया पावर इन्जीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे, उप्र राज्य विद्युत परिषद अभियन्ता संघ के अध्यक्ष जी के मिश्रा व महासचिव राजीव सिंह ने आज यहां जारी बयान में कहा कि उप्र के ऊर्जा निगमों के घाटे का सबसे बड़ा कारण निजी घरानों पर अति निर्भरता की गलत ऊर्जा नीति है, जिसके तहत निजी घरानों से काफी मंहगी दरों पर बिजली खरीदी जा रही है। घाटे का दूसरा बड़ा कारण बिजली की चोरी है जिस पर दृढ़ राजनीतिक इच्छा शक्ति के साथ कठोरतम कार्यवाही की जरूरत है जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने वक्तव्य में रेखांकित किया है।
अभियन्ता पदाधिकारियों ने कहा कि निजी घरानों से 08 रूपये प्रति यूनिट तक बिजली खरीदी जा रही है और सरकारी क्षेत्र के बहुत सस्ती बिजली देने वाले बिजली घरों को बन्द किया जा रहा है। इस गलत ऊर्जा नीति पर पुनर्विचार करने और लम्बी अवधि के मंहगी बिजली खरीद के करारों को निरस्त करने की आवश्यकता है।
इसी प्रकार गुजरात मॉडल और पटियाला मॉडल का पालन करते हुए बिजली चोरी पर सख्त कार्यवाही जरूरी है। पटियाला मॉडल के अन्तर्गत अधिक बिजली चोरी के क्षेत्रों में दुकानों व घरों के मीटर पोल पर ऊपर लगा दिये गये जिससे चोरी पर अंकुश लगा। यही प्रक्रिया उप्र में अधिक बिजली चोरी के क्षेत्रों में प्राथमिकता पर लागू किया जाना चाहिए।
गुजरात मॉडल के अन्तर्गत गुजरात में बिजली चोरी रोकने हेतु 172 पुलिस स्क्वैड और 46 पोलिस थाने इसी हेतु डेडिकेटेड हैं। बिजली चोरी पकड़ने के इनके साप्ताहिक लक्ष्य तय किये गये हैं जिनकी कड़ी मॉनिटरिंग होती है। उप्र में भी तद्नुरूप कार्यवाही किया जाना चाहिए।


