मोदी का नारा ‘कांग्रेस हटाओ‘ ऐसा जैसे कि एक बच्चा कहे कि वह आसमान गिरा देगा
नई दिल्ली। नेशनल पैंथर्स पार्टी के मुख्य संरक्षक प्रो. भीमसिंह ने भाजपा के प्रधानमंत्री मोदी के दो वर्ष पूरे होने पर उनके तानाशाही रिमार्कस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि देश के एक-तिहाई लोगों ने भाजपा की राजनीतिक विचारधारा और नेतृत्व को स्वीकार नहीं किया है।
प्रो. भीमसिंह ने कहा कि श्री मोदी ने एक नया तानाशाह नारा ‘कांग्रेस हटाओ‘ दिया है, जो हिटलर के नारे ‘एक व्यक्ति, एक सरकार, एक नेता‘ का प्रतीक लगता है, जिसे लोकतंत्र कानून-व्यवस्था और शांति में विश्वास रखने वालों को खारिज कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्री मोदी जो 1885 से जब वुमेश चन्द्र बनर्जी इसके नेता थे, कांग्रेस का इतिहास जानते हैं।
प्रो. भीमसिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और उनके राजनीतिक गुरूओं को समझना चाहिए कि कांग्रेस की अध्यक्षता कई अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चरित्रों ने की है, जिनमें बदरूद्दीन तयैबजी (1887), दादाभाई नैरोजी (1893), गोपल कृष्ण गोखले (1905), रास बिहारी घोष (1908), मदन मोहन मालवीय (1909), लार्ड सतेन्द्र प्रसन्ना सिन्हा (1915), मदन मोहन मालवीय (1918), सयैद हसन इमाम (1919), लाल लाजपत राय (1920), देशबंधु चितरंजन दास (1922), मोहम्मद अली जौहर (1923), महात्मा गांधी (1924), मुख्यर अहमद अंसारी (1927), पं. जवाहरलाल नेहरू (1929), सरदार वल्लभभाई पटेल (1931), सुभाष चन्द्र बोस (1938),अबु कलाम आजाद (1940-1946), यू.एन. धेबर (1955-59), श्रीमती इंदिरा गांधी (1959), नीलम संजीव रेड्डी (1961-63), के. कामराज (1964-67), बाबू जगजीवन राम (1970-71), देव कांत बरुआ (1975-77), श्रीमती इंदिरा गांधी (1978-84) प्रमुख हैं।
उन्होंने श्री मोदी के नए नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर उन्हें लगता कि 130 वर्ष पुरानी समन्वित संस्कृति के साथ अस्तित्व में आयी कांग्रेस के खिलाफ उनका यह नारा जनसंघ से भारतीय जनता पार्टी बनी उनकी पार्टी के लिए कोई करिश्मा करेगा तो यह असम्भव है।
उन्होंने श्री मोदी को याद दिलाया कि सभी रंगो, सभी धर्मों और सभी राजनीतिक विचारधारा की दुनिया में प्रतिनिधित्व करने वाला देश भारत आज भी कश्मीर से कन्याकुमारी तक और द्वारका से इम्फाल तक एकजुट देश है।
उन्होंने श्री मोदी के नारे ‘कांग्रेस हटाओ‘ को ऐसा बताया जैसे कि एक बच्चा कहे कि वह आसमान गिरा देगा।