मिथ्या राष्ट्रवाद की पोल खुलने लगी है, संघ और साजिशों का पुराना रिश्ता है
मिथ्या राष्ट्रवाद की पोल खुलने लगी है, संघ और साजिशों का पुराना रिश्ता है
मिथ्या राष्ट्रवाद की पोल खुलने लगी है
संघ और साजिशों का पुराना रिश्ता है
मिथ्या राष्ट्रवादियों का नाश हो।
अलगाववादी नेता सज्जाद लोन को अपने कोटे से मिनिस्टर किसने बनाया ?
संघ और साजिशों का पुराना रिश्ता है। मिथ्या राष्ट्रवाद के सहारे मोदी सरकार की नाकामियों को छिपाने के लिए संघियों की एबीवीपी ने स्वयं ही भारत विरोधी नारे लगाकर जेएनयू एसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार को फंसाया है, यह स्पष्ट होता जा रहा है। सरकार की असफलताओं से ध्यान हटाने के लिए और जनता के संघर्षो को कमजोर करने के लिए इस तरह की और भी साजिशें आना संभव है।
कश्मीर में अलगाववादियों के साथ सत्ता का रसास्वादन कौन कर रहा है ? अलगाववादी नेता सज्जाद लोन को वहां अपने कोटे से मिनिस्टर किसने बनाया ? आतंकवादियों को कंधार कौन छोड़कर आया था ? जिन्ना की मजार पर माथा किसने टेका ? किसकी सरकार ने बीते दिनों
कश्मीर में आतंकवादी रिहा किये ? किसने भगत सिंह की फांसी को प्रसिद्धि पाने की छिछोरी हरकत कहा था ? किसके गुरु ने हिंदुओं को आजादी की लड़ाई से दूर रहने की नसीहत दी थी ? किसका कथित 'वीर' अंडमान जेल से माफीनामा देकर बाहर आया था ? कौन सा संगठन है जो राष्ट्रपिता के हत्यारे का महिमामंडन करता है ? कौन सा संगठन है जो दशकों राष्ट्रध्वज फहराने से परहेज करता रहा ? किसके दफ्तर पर तिरंगा फहराने के जुर्म में लड़कों पर मुक़दमा चला ? कौन है जो धर्मनिरपेक्ष जनतांत्रिक भारत के संविधान का असम्मान करता रहा है ? हर प्रश्न का उत्तर आरएसएस है।
एक तरफ स्वतंत्रता आंदोलन में तपकर निकली आल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन है तो दूसरी ओर स्वतंत्रता आंदोलन से न सिर्फ विरत बल्कि नकारात्मक भूमिका वाला आरएसएस है। फिर भी संघ की संतान एबीवीपी और संघी कुनवा राष्ट्रवाद की 'हुआ हुआ' कर रहा है। कमाल है छिछोरा राष्ट्रवाद !
#JNUSUpresident_Zindabaad
मुस्लिम आईडी क्रिएट करके शिवाजी और बाल ठाकरे का विद्रूप निरूपण करने वाला मुस्लिम न होकर हिन्दू निकला था। मुसलमानो के जुलूस में मुस्लिम बेषभूषा में घुस कर आपत्ति जनक नारे लगाते आरएसएस कार्यकर्ता मिलते हैं। जेएनयू में संघ की एबीवीपी के लड़के पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाकर विवाद को जन्म देते हैं और वामपंथ को बदनाम करने की कोशिश की जाती है साथ ही हाफिज सईद की फर्जी आईडी से ट्वीट कर जेएनयू को बदनाम किया जाता है। सत्ता शीर्ष पर जब अपराधों और षड्यंत्रों के रास्ते पहुंचे लोग हों, तो कुछ भी बुरा संभव है। लेकिन लोग देख भी रहे हैं और लड़ भी रहे हैं। राष्ट्रवाद की आड़ में जनता की लूट, दमन और भ्रष्टाचार को छिपाया जा रहा है। पर मिथ्या राष्ट्रवाद की पोल खुलने लगी है।
जेएनयूएसयू अध्यक्ष कामरेड कन्हैया के पैरोकारों वकीलों और समर्थकों पर आरएसएस के गुंडों का कोर्ट में हमला देशद्रोह की गंभीर और वास्तविक घटना है बनिस्पत उस आरोप के जो कन्हैया पर है। एक ओर यह घटना संघियों की उस घबराहट का प्रमाण है जो सच उजागर होने के डर से पैदा होती है तो दूसरी ओर प्रतिरक्षा के अधिकार पर फासिस्ट हमला है जिस अधिकार के बिना भारत की लोकतान्त्रिक छवि मटियामेट हो जायेगी। मिथ्या राष्ट्रवादियों का नाश हो।


