मुहब्बत की बात यहाँ हराम होगी/ वे सब पकड़े जायेंगे शरीके जुर्म में/ जिनकी जेब से बरामद क़लम होगी
मुहब्बत की बात यहाँ हराम होगी/ वे सब पकड़े जायेंगे शरीके जुर्म में/ जिनकी जेब से बरामद क़लम होगी
मुहब्बत की बात यहाँ हराम होगी
नये निज़ाम कि पहली मुनादी है
ख़्वाब देखनें पर यहां पाबंदी होगी
हाथ पकड़ चलने वाले बाग़ी होंगे
मुहब्बत की बात यहाँ हराम होगी
नहीं बख़्शे जायेंगे जलसा करने वाले
फाँसी उन सबको सरे आम होगी
मिलेगी उनको भी सजाएं बराबर की
जिनके दिल में अमन की आस होगी
वे सब पकड़े जायेंगे शरीके जुर्म में
जिनकी जेब से क़लम बरामद होगी
// जसबीर चावला //
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