मोदी के खिलाफ मुखर थे विनोद वर्मा, कर दिया था ऐलान - सेनापति को बता दिया गया है कि यह उसका आख़िरी युद्ध है
मोदी के खिलाफ मुखर थे विनोद वर्मा, कर दिया था ऐलान - सेनापति को बता दिया गया है कि यह उसका आख़िरी युद्ध है
नई दिल्ली। देशबन्धु, बीबीसी और अमर उजाला जैसे संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुके वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को छत्तीसगढ़ पुलिस ने गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा पर छत्तीसगढ़ के नेता को ब्लैकमेल करने का आरोप लगा है। कहा जा रहा है कि विनोद वर्मा के पास भाजपा नेता की अश्लील सीडी थी। इसीलिए उनकी गिरफ्तारी हुई है।
विनोद वर्मा सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मुखर थे। October 23 at 11:42am पर उन्होंने फेसबुक पर एक स्टेटस पोस्ट किया था, वह साफ इशारा करता है कि इस फेसबुक पोस्ट के जरिए वर्मा जो संदेश देना चाहते थे, वह काम उनकी गिरफ्तारी से पूरा हो गया है। उन्होंने लिखा था -
“सेनापति को बता दिया गया है कि यह उसका आख़िरी युद्ध है. सैनिकों को ख़बर है कि सेनापति के चेहरे पर भरोसा न करें.”
October 22 at 1:32pm को श्री वर्मा ने लिखा –
“अब मोदी गुजरात के नहीं रहे. फिर गुजरात मोदी का क्यों कर रहेगा भला?”
October 24 at 11:47am को उन्होंने लिखा
“किसी ने कहा: 70 साल में कुछ नहीं हुआ कहते हुए अब वे सोचते होंगे कि यार ये लोग इतने साल सत्ता में बने कैसे रह लेते हैं, हमें तो पांच भारी पड़ते हैं.”
October 10 at 11:04pm को उन्होंने लिखा
“कम से कम तीन मुख्यमंत्री सोच रहे थे कि अगले चुनाव की नैया मोदी-शाह पार करवाएंगे. क्या वे अब भी ऐसा ही सोच रहे होंगे?”
October 22 at 1:27pm
अहमदाबाद में कुछ घंटे गुज़ारने का मौक़ा मिला. जो लोगों ने बताया और महसूस हुआ:
1. पहले पान की दुकान पर नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ एक वाक्य भी कह दें तो तीन चार लोग पिल पड़ते थे. अब कोई कुछ नहीं कहता. एक वरिष्ठ पत्रकार कहते हैं कि हो सकता है कि आपको दो तीन साथ देने वाले मिल जाएं.
2. भाजपा के कार्यक्रमों में भीड़ ढोने के बाद भी लोग पर्याप्त संख्या में नहीं जुट रहे हैं.
3. पहले नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए वोट दिए जाते रहे. 2014 में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए वोट दिए गए. लेकिन इस बार जनता जानती है कि वे भाजपा को वोट देंगे तो भी मोदी मुख्यमंत्री नहीं बनने वाले. इस समीकरण का फ़र्क पड़ेगा.
4. अमित शाह के बेटे जय शाह का मामला सामने आने पर लोग नाराज़ हैं. गुजरात में सामान्य लेन-देन पर किसी को ऐतराज़ नहीं है लेकिन अपने बेटे को इस तरह बढ़ाना मंज़ूर नहीं.
5. तीन युवा हार्दिक पटेल, जिग्नेश मेवाणी और अल्पेश ठाकोर तीनों चुनाव को प्रभावित करेंगे. फिलहाल तीनों भाजपा के ख़िलाफ़ हैं. लेकिन आगे ऊंट किस करवट बैठता है यह देखना होगा.
6. कोई नहीं कह रहा है कि भाजपा फिर से जीतेगी. लेकिन अभी यह भी कोई नहीं कह रहा है कि कांग्रेस जीत रही है. यानी कांग्रेस को अभी ताक़त लगानी होगी.


