मोदी जी को भारत माता के लाल के खो जाने पर रोना आया होगा या नहीं लेकिन घर में बिलखती उसकी माँ हर आने वाले से बदहवासी में यही गुहार लगा रही है कि.......
‪#‎कोई_मेरे_गावस्कर_को_ले_आओ
सैयद फ़ैज़ान ज़ैदी
‪#‎कोई_मेरे_गावस्कर_को_लेआओ
जब मैं छोटा था तो कभी कभी गाँव से क़स्बे में जाता था, चूँकि मेरठ में आर्मी का एक बड़ा कैंट है इसीलिए अमूमन सड़क पर आर्मी ट्रकों का दिखना आम बात थी, जिसके पीछे रायफल लिए कुछ जवान या तो किसी दूसरी वाहिनी में जा रहे होते थे या किसी मोर्चे पर, लेकिन उन्हें देख कर अनायास ही सैल्यूट करने के लिए हाथ उठ जाता था। प्रतित्तर में उधर से एक मुस्कान या सैल्यूट मिलने पर आपके जिस्म का रुआँ-रुआँ खड़ा हो जाता था। आज भी आर्मी की वर्दी में किसी नौजवान को देख कर जो इज़्ज़त मन में आती है वैसा किसी पुलिसिये के लिए इस जन्म में सम्भव नहीं।
लेकिन जब ख़बरें मिलती हैं कि मणिपुर में सेना के "कुछ" जवानों ने बलात्कार किया तो पहली नज़र में दिल मानने को तैयार ही नहीं होता, फिर एक दिन Samar भय्या ने बताया कि उत्तर पूर्व में डेली किट में आर्मी जवानों को कंडोम दिया जाता है, बेहद बुरा लगा। झारखंड में महिलाओं के स्तन दबाकर नक्सलियों की पहचान की जाती है, फिर एक दिन कश्मीर के क़ुनान पोशपोरा की कहानी किसी की ज़ुबानी सुनी। नसों का ख़ून ही जम सा गया। बहुत खोजा पढ़ा ह्यूमन राइट वॉच, एशिया वॉच रिपोर्ट, डिप्टी कमिश्नर S M यासीन रिपोर्ट, US डिपार्टमेंट ऑफ़ स्टेट् रिपोर्ट टू इंटरनेशनल ह्यूमन राइट कमीशन आदि का अध्ययन करने के बाद जान पाया कि क़ुनान और पोशपोरा दो गाँव में आर्मी के "4 जवानों" ने 23 महिलाओं के साथ के बलात्कार किया, जिसने 14 से लेकर 70वर्ष तक की महिलायें शामिल थीं, जिन गाँव की महिलाओं से आगे चलकर ना कोई शादी के लिए तैयार हुआ ना कोई महिला कक्षा 8 से आगे पढ़ पायी।
(अधिक जानकारी यहाँ से प्राप्त कर सकते हे https://en.m.wikipedia.org/wiki/Kunan_Poshpora_incident )
कुछ लोग जो देशसेवा के भाव से नहीं बल्कि रिश्वत के सहारे या कर्नल, ब्रिगेडियर बाप के रुतबे के सहारे वर्दी पा लेते हैं ऐसी हरकतें करते होंगे, इस से इंकार नहीं किया जा सकता, लेकिन बड़ा सवाल ये है आख़िर इस तरह की ग़लतियों को हमारा समाज और सरकार किस तरह पचा लेती है। ये संदेहास्पद हो जाता है, ख़ासकर जब ये घटनाएँ देश के कुछ विशेष समुदायों के ख़िलाफ़ चरणबद्ध तरीक़े से वर्षों तक अंजाम दी जाती रही हों और आज भी कश्मीर के हिंदवाड़ा में एक आर्मी वाले ने पब्लिक टॉयलेट में लड़की को छेड़ा और महान भारतीय सेना के गौरव को फिर से नीचा किया। अब इस इंफ़ेक्शन का गेंग्रीन बनने से पहले ऐंटीबायोटिक देने के बजाए कुछ लोग ज़ख़्म पर पट्टी ढँकने की भाँति बचाव में लगे हैं, ये जानते हुए भी लाइलाज गेंग्रीन अंदर-अंदर फ़ैल जाता है। अभी हैवी एंटीबायोटिक ना दिया तो अंग विशेष का काटना (एम्पुटेशन) ही एकमात्र विकल्प बचता है। कुछ लोग बचाव में लड़की का विडियो लाए हैं, जिसकी प्रमणिकता ही संदिग्ध है। जाँच पुलिस कर रही है, ऐसे में सेना कैसे कोई समानांतर वीडियो जारी सकती है?

अगर सब निर्दोष हैं, जैसा कुछ लोग कहते हैं, तो सेना ने जाँच के आदेश क्यूँ दिए हैं?
सुनिए साहेब गोली चलने वाले का में कोई दोष नहीं मानता, उस बंदूक़ की नाल से तब तक कोई गोली नहीं चलती जब तक वो नाल AFSPA के संरक्षण में ना हो या किसी "बड़े" अधिकारी का आदेश ना हो।
इसी नाल में हरियाणा में जंग लग गया था 30,000 करोड़ की सम्पत्ति जल गयी मुरथल के खेतों में ब्रा और पेन्टीज़ बाजरे के बीज की तरह बिखेरी गयीं, लेकिन इस नाल से धुआँ नहीं निकलता।
दोषी कोन है या नहीं है, ये जाँच के बाद ही पता चलेगा, जो कि AFSPA के अंदर लगभग असम्भव है, लेकिन उदीयमान क्रिकेटर नॉईम क़ादिर भट्ट का बस इतना दोष था कि वो घटना स्थल से 100 गज़ दूर एक गार्मेंट शोरूम से इस घटना का वीडियो बना रहा था। गोली पेट को आर पार कर गयी।
नईम भट्ट के कमरे में लगी ‪#‎भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर राहुल द्रविड़ ओर विराट कोहली की बड़ी-बड़ी तस्वीरें भी आज सेना की इन कार्यवाही से शर्मिंदा तो ज़रूर होंगी। मोदी जी को भारत माता के लाल के खो जाने पर रोना आया होगा या नहीं लेकिन घर में बिलखती उसकी माँ हर आने वाले से बदहवासी में यही गुहार लगा रही हे कि.......
‪#‎कोई_मेरे_गावस्कर_को_ले_आओ
सुनो ये वाला गावस्कर नहीं आने वाला
दूसरे वाले को देखना है तो सेट मैक्स लगाइए KKR का मैच चल रहा है.... और इसी के साथ फ़्री हिट पर एक और छक्का......

सैयद फ़ैज़ान ज़ैदी की फेसबुक टाइमलाइन से साभार