मोदीजी आपकी सरकार ने अमर शहीद श्रीमती गांधी की शहादत को अनदेखा करके राष्ट्र को क्या संदेश दिया
मोदीजी आपकी सरकार ने अमर शहीद श्रीमती गांधी की शहादत को अनदेखा करके राष्ट्र को क्या संदेश दिया
मोदीजी आपकी सरकार ने अमर शहीद श्रीमती गांधी की शहादत को अनदेखा करके राष्ट्र को क्या संदेश दिया
सत्तारूढ़ दल ने इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि को नजरअंदाज कर दिया-भीमसिंह
जम्मू, 31 अक्तूबर। नेशनल पैंथर्स पार्टी के मुख्य संरक्षक एवं जम्मू-कश्मीर के पूर्व विधायक प्रो. भीमसिंह ने सरकार और इलेक्ट्रानिक मीडिया द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की शहीदी दिवस को अनदेखा करने पर आश्चर्य प्रकट किया, जिन्हें इसी दिन 1984 में उनके ही अंगरक्षकों ने शहीद कर दिया गया था।
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार, जिसका दूरदर्शन पर नियंत्रण है, से सवाल किया कि भारत की तीसरी प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के शहीदी दिवस से संबंधित घटनाओं का पूरी तरह से उपेक्षा करने का क्या कारण है, जिन्होंने भारत की महिला प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर अकल्पनीय योगदान दिया था। उन्होंने कहा कि 1971 में बांग्लादेश लिबरेशन युद्ध के दौरान श्रीमती इंदिरा गांधी ने भारत के गौरव को ऊंचाइयों तक पहुंचाया था। 1975 में उन्होंने शेख अब्दुल्ला को विश्वास में लेकर जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापित करके अपनी ही कांग्रेस पार्टी की कीमत पर जम्मू-कश्मीर की सŸाा शेख अब्दुल्ला को सौंप दी थी और स्वयं विपक्ष में रहना उचित समझा, सिर्फ शांति, उन्नति और राष्ट्रीय एकता के लिए।
उन्होंने कहा कि श्रीमती इंदिरा गांधी के बलिदान दिवस पर पूरे देश को उनके बलिदान पर सम्माानित करने की जरूरत थी। श्रीमती इंदिरा गांधी का राष्ट्रीय एकता व अन्तर्राष्ट्रीय उपलब्धियों में योगदान अकल्पनीय रहा है और उन्हें उनकी 34वीं पुण्यतिथि पर सरकारी मीडिया व किसी भी सरकार को उपेक्षा करना कोई भी उचित नहीं समझ नहीं समझ सकता।
प्रो. भीमसिंह ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले महान नायकों में से एक सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जन्मतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि दिये जाने पर मोदी सरकार की प्रशंसा की। सरदार वल्लभभाई पटेल ने तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नहेरू की कांग्रेस सरकार में एक स्वत्रतंत्रा सेनानी और केन्द्रीय मंत्री के रूप में देश को अपनी अकल्पनीय सेवाएं प्रदान की हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा सरदार पटेल का जन्मदिन का जश्न मनाना एक बहुत ही प्रशंसनीय कदम था और पूरे देश व राष्ट्रवादियों ने इसकी सराहना भी की है। जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से लोग इस सवाल को उठा रहे हैं कि श्रीमती इंदिरा गांधी के शहीदी दिवस को सरकार ने कैसे और क्यों नजरअंदाज कर दिया? श्रीमती इंदिरा गांधी के देश व विदेश में योगदान को किसी भी मीडिया व्यक्ति या राजनेता द्वारा अनदेखा नहीं किया जा सकता है। श्रीमती इंदिरा गांधी ने राष्ट्र की रक्षा के लिए लड़ा और देश की एकता की रक्षा करते हुए देश के लिए शहीद हो गयी।
प्रो. भीमसिंह ने प्रधानमंत्री मोदी जी से पूछा कि श्रीमती गांधी की शहादत को अनदेखा करके उनकी सरकार ने राष्ट्र को क्या संदेश दिया है?
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