यह ज्यूडिशियरी को सरकार का संदेश था
यह ज्यूडिशियरी को सरकार का संदेश था
दोस्तों - मैसेज मिला या नहीं - लाऊड एंड क्लियर.
यह संदेश इस सरकार द्वारा उन सभी को है जो इसके एजेंडे के खिलाफ खड़े हैं, सबसे अधिक ज्यूडिशियरी को। ये ऐलान है कि सत्ता हमारे हाथ में है और लाखों लोगों की पागल भीड़ भी हमारे साथ है। यदि उंगली हमारे या हमारे आदमियों के खिलाफ उठेगी तो इस भीड़ को तुम्हें झेलना होगा।
हम सिस्टम को इस्तेमाल कर मुसलमानों को सीधा करेंगे, हम सिस्टम का इस्तेमाल कर बुद्धिजीवियों को सीधा करेंगे और जब सिस्टम को सीधा करना होगा तो हम एक पागल भीड़ का इस्तेमाल करेंगे।
तीन दिनों में क्या हुआ इसके ब्यौरे में जाना बेमानी होगा। बस इतना ही कहा जा सकता है कि फैसला सुनाने वाला जज सीमा पर खड़े सैनिक से बड़ा सीना रखता होगा। शहर और राज्य भर में इतना बड़ा जमावड़ा होने देना इसी ओर इशारा करता है कि राज्य की पूरी कोशिश न्यायपालिका को डराने की थी। उस जज को सौ-सौ सलाम।
यहां पैलेट गन्स नहीं चलेंगी, ना ही बाबा को जीप से बांधकर घुमाया जायेगा, बल्कि हेलिकॉप्टर के जरिये किसी आरामगाह में ले जाया जायेगा। पीछे रह जायेगा पंचकुला में उठता धुंआ, जहां ना जाने कितने सपने आज बिखर गये होंगे।
आनंद जैन की फेसबुक टाइमलाइन से साभार


