युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में शिक्षा नहीं ले पाते तीन करोड़ छात्र
युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में शिक्षा नहीं ले पाते तीन करोड़ छात्र
नई दिल्ली। दुनिया में तीन करोड़ बच्चे युद्ध या अन्य कारणों से पैदा संकटों की वजह से शिक्षा नहीं ले पाते हैं। संयुक्त राष्ट्र अन्तर्राष्ट्रीय बाल आपातकालीन कोष (यूनिसेफ) ने यह बात कही है।
यूनिसेफ की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि अब सीरिया में स्कूल जाने वाले बच्चों में से आधे यानी तीस लाख बच्चे सामान्य रूप से शिक्षा नहीं ले पाते हैं जबकि उत्तरी यूक्रेन में 290 स्कूल मुठभेड़ में नष्ट हुए, मध्य अफ्रीका गणराज्य में एक तिहाई स्कूल सशस्त्र संगठनों के निशान बने।
गाज़ा में हाल ही के संघर्ष में विस्थापित लगभग 300,000 से अधिक लोगों के लिए घरों में पुनर्वास की आवश्यकता के रूप में 100 से अधिक स्कूलों में इस्तेमाल किया गया।
जबकि उत्तर-पूर्व नाइजीरिया में सशस्त्र व्यक्तियों द्वारा 200 से ज्यादा बंधक गई स्कूली छात्राओं (जिनको अभी तक मुक्त नहीं किया गया है) सहित छात्रों और अध्यापकों का अपहरण या हत्या किया गया। इसके अलावा, गिनी, लाइबेरिया और सिएरा लियोन आदि पश्चिम अफ्रीकी देशों में स्कूल एबोला वायरस की वजह से बन्द हुए, जिससे कम से कम तीस लाख छात्र प्रभावित हुए हैं।
हाल के एक सर्वेक्षण के अनुसार मध्य अफ्रीकी गणराज्य में लगभग एक तिहाई स्कूलों को या तो गोलियों से छलनी किया गया था या आग लगाई गई अथवा लूटा या सशस्त्र समूहों द्वारा कब्जा कर लिया।
यूनिसेफ के वैश्विक शिक्षा कार्यक्रम के प्रमुख जोसफिन बॉर्न, ने कहा-"आपात स्थिति के माध्यम से रहने वाले बच्चों के लिए, शिक्षा एक जीवन रेखा है।"
विज्ञप्ति में कहा गया है कि यूनिसेफ मुठभेड़ हो रहे क्षेत्रों में अस्थाई कक्षा स्थापित करेगा और एबोला वायरस से ग्रस्त देशों में प्रसारण शिक्षा पाठ्यक्रम तैयार करेगा।
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