रची जा रही थी हमले की साजिश
रची जा रही थी हमले की साजिश
नई दिल्ली। संघ प्रचारक सुनील जोशी की हत्या 29 दिसंबर 2007 को कर दी गई थी। एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि जांच एजेंसी एनआई का दावा है कि लोकेश, राजेंद्र और जोशी एक बड़ी साजिश रच रहे थे और मुसलमानों को निशाना बनाकर ज्यादा से ज्यादा हमले करने की फिराक में थे।
सुनील जोशी आरएसएस का प्रचारक था। जोशी पर समझौता एक्सप्रेस, मक्का मस्जिद और मालेगांव सहित करीब आठ बम धमाकों को अंजाम देने का आरोप था। मध्य प्रदेश के देवास में 29 दिसंबर 2007 की रात कथित तौर पर हिंदू संगठनों से जुड़े अपने ही लोगों ने उनकी हत्या कर दी थी। समझौता एक्सप्रेस बम धमाकों के आरोपी स्वामी असीमानंद के हवाले से मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कहा था कि इस ट्रेन ब्लास्ट को अंजाम देने में जोशी की अहम भूमिका थी। राजस्थान एटीएस के मुताबिक सुनील जोशी अजमेर धमाकों का प्रमुख सूत्रधार था और वह इन धमाकों के आरोप में गिरफ़्तार स्वामी असीमानंद के सतत् संपर्क में था।
जोशी पर यह भी आरोप था कि उसे बम बनाने में महारत हासिल थी और वह एक खतरनाक अपराधी था। रिपोर्टों के मुताबिक, उस पर दोहरे हत्याकांड का आरोप था, लेकिन सरकारी संरक्षण की वजह से वह बचता रहा। उसका नाम सबसे पहले कथित तौर पर 2003 में इंदौर के निनामा हत्याकांड में आया था। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कांग्रेस नेता प्यार सिंह निनामा और उनके भतीजे दिनेश निनामा की इंदौर जिले के मानपुर खुर्दी स्थित उनके घर में कर दी गई थी। तब जोशी के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट भी निकला था।


