लागू हुयी आधी अधूरी आरकेएसके
लागू हुयी आधी अधूरी आरकेएसके
नई दिल्ली। लगता है डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार बहुत जल्दी में है। तभी भारी बजट की योजनाएँ बिना कोई उचित जानकारी दिये हुये लागू की जा रही हैं। इसी तरह की एक योजना, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) मंगलवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नबी आजाद ने यहाँ की शुरुआत की। उन्होंने तीन दिवसीय राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य परिचर्चा का उद्घाटन भी किया।
श्री आजाद ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुये कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए देश की आबादी में 21 प्रतिशत से अधिक योगदान देने वाले 24.3 करोड़ किशोरों की समस्याओं पर व्यापक रूप से ध्यान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि अभी तक गिने चुने सरकारी केन्द्रों में किशोरों की लैंगिक तथा प्रजनन स्वास्थ्य सम्बंधी समस्याओं पर ही आंशिक रूप से ध्यान दिया गया है लेकिन इस नए कार्यक्रम में नए विषयों जैसे- मानसिक रोगों को शामिल किया गया है। इस कार्यक्रम को समुदाय सहभागिता आधारित रूप दिया गया है, जिसमें विभिन्न क्षेत्र के विशेषज्ञों, मंत्रालयों, राज्य सरकारों, ज्ञान सहभागियों के अतिरिक्त शोधकर्ताओं को भी शामिल किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में प्रजनन, मानसिक, नवजात, बाल स्वास्थ्य+किशोरों की समस्याओं (आरएमएनसीएच+ए) पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें 'ए' से तात्पर्य किशारों से है। उन्होंने कहा कि किशोरों के स्वास्थ्य में सुधार लाये बिना, मातृत्व एवं बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिली उपलब्धियों का कोई फायदा नहीं होगा।
एक सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि आरकेएसके कार्यक्रम में देश के 10 से 19 वर्ष के बच्चों को किशोर माना गया है, चाहे वे शहरों अथवा गाँवों में रहते हैं। इसमें लड़के एवं लड़कियाँ, विवाहित एवं अविवाहित, गरीब एवं अमीर तबके के बच्चे शामिल हैं।
मजे की बात यह है कि इस योजना के लाँच के लिये एक वेब साइट प्रारम्भ की गयी है, जिसको डेवलप और डिजायन किसी ईवेंट कंपनी, एटीट्यूड ईवेंट प्रा. लि. है जिसका यूआरएल है- http://www.ecmo2012.com/rksklaunch.in/index.html लेकिन इस साइट में कहीं भी यह जानकारी नहीं दी गयी है कि योजना क्या है, इसका क्या बजट है, यह लागू कैसे होगी, कौन इसे लागू करेगा और कौन इसका लाभार्थी होगा या इसका लाभ लेने के लिये पात्रता शर्तें क्या हैं। समझा जा सकता है कि सरकारी योजना कितनी चौकस होगी।


