लूट का खास मोदी मॉडल

अरुण माहेश्वरी

मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, अचानक वे उछल पड़े कि गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कारपोरेशन (जीएसपीसी) ने गैस का अब तक का सबसे बड़ा भंडार खोज लिया है। तत्काल जीएसपीसी को बैंकों से पंद्रह हजार करोड़ रुपये का ऋण मिल गया और मोदी के चहेतों को ड्रिलिंग के ठेके बांट दिये गये। अंत में एक छटांक गैस भी कहीं नहीं मिली और पंद्रह हजार करोड़ उड़ गये। आज ओएनजीसी, जीएसपीसी के इस नुकसान की भरपाई कर रहा है।

हूबहू यही कहानी आईएल एंड एफएस की है जिस पर बैंकों के 91 हजार करोड़ बकाया है और वह चुका नहीं पा रहा है। मोदी ने ही इस कंपनी को गुजरात में गिफ्ट सिटी बनाने का ठेका दिया था। वह भारत का शंघाई होगा ! मोदी ने 2011 में यहां 1 करोड़ 10 लाख लोगों को रोजगार देने का वादा किया था और कहा था कि 2020 तक 425 बिलियन डालर का उद्योग-धंधा यहां पनप जायेगा। आज गिफ्ट सिटी तो हवा में ही है, आईएल एंड एफएस की सांसें निकल रही हैं। पूरी भारत सरकार जुट गई है उसके प्राणों की रक्षा के लिये।

मोदी के चहेतों में जनता का धन लुटवा कर अब जेटली आग बुझाने की वीरता का नाटक कर रहे हैं। मोदी संत बने हुए हैं।

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