शिवपाल के साथ अंसारी बंधु दागी थे, आज अखिलेश के साथ जाकर उज्ज्वल हो गए – अमर सिंह
मुलायम आज बेहैसियत हो चुके हैं : अमर सिंह
लखनऊ, 6 जनवरी। सैफई राजवंश व समाजवादी पार्टी (सपा) में मचे घमासान के बीच अखिलेश-रामगोपाल यादव गुट के "खलनायकों" की ओर से 'खलनायक' की तरह पेश किए जा रहे अमर सिंह ने कहा है कि शिवपाल के जिन दागी साथियों का विरोध मुख्यमंत्री ने किया वह शिवपाल के साथ दागी थे, लेकिन आज मुख्यमंत्री के पास जाकर एफीडेविट देने पर उज्ज्वल हो गए।
श्री सिंह ने कहा कि वह अखिलेश के विरोधी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह स्वयं चाहते हैं कि पिता-पुत्र के बीच का विवाद खत्म हो। मुलायम आज पार्टी में अकेले पड़ चुके हैं, वह बेहैसियत हो गए हैं।
अमर सिंह ने सपा के कई नेताओं का नाम लिए बगैर उन पर जमकर निशाना भी साधा।
उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ नेता ठीक से हिंदी भी नहीं बोल पाते।
अपने ऊपर लगे आरोपों के जवाब में उन्होंने कहा,

"मैंने आज तक जो कुछ भी किया वह पार्टी के भले के लिए किया। मैंने एक पैसे का व्यापार नहीं किया। कोई ठेका-पट्टा नहीं लिया।"

उन्होंने कहा,

"मुझ पर तरह-तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसा करने वालों से मेरी विनम्र चुनौती है कि जांच करा लें, वरना इस तरह के अनर्गल बयान देने वालों के मुंह पर लगाम लगा दी जाए।"

अमर सिंह ने राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल की तरफ इशारा करते हुए कहा

"मैं नाम लेकर किसी का महत्व नहीं बढ़ाना चाहता लेकिन एक और नेता हैं वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के काबीना मंत्री रह चुके हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस में रह चुके हैं और इस वक्त अखिलेश के साथ हैं। वह मुझे भाजपा का एजेंट कह रहे हैं।"

अमर ने कहा,

"इस तरह अल्पांश तरीके से कोई किसी के साथ नहीं रह सकता। अगर भाजपा से मेरा सामंजस्य होता तो मैं उसमें समाहित होता। मैं बैकडोर से जाकर राजनीति नहीं करता।"

वहीं उन्होंने अखिलेश गुट पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिवपाल के जिन दागी साथियों का विरोध मुख्यमंत्री ने किया वह शिवपाल के साथ दागी थे, लेकिन आज मुख्यमंत्री के पास जाकर एफीडेविट देने पर उज्ज्वल हो गए।
उन्होंने कहा कि सारे दागदार लोगों की छवि चमचमाने लगी। अंसारी बंधु भी साफ छवि के हो गए। अमर सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि

"वृंदावन में रहना है तो हां जी हां जी कहना है।"

वहीं शिवपाल यादव का पक्ष लेते हुए अमर सिंह ने कहा,

"शिवपाल ने अखिलेश को पाला-पोसा है। अखिलेश की पढ़ाई में मेरा भी योगदान है। मैं अखिलेश यादव की तरक्की में बाधक नहीं हूं। उन्होंने कहा कि जिस विचाराधारा में समाजवाद है, मैं उसमें हूं।"

इससे पहले आज सुबह से ही अमर सिंह के पार्टी के सभी पदों से इस्तीफे देने की अटकलें लगाई जाती रहीं। वह पहले भी कह चुके थे कि "अगर मेरे पीछे हटने से सुलह होती है तो मैं तैयार हूं।"