रांची। आर्थिक, सामाजिक व सांस्कृतिक अधिकारों पर हो रहे हमलों के विरुद्ध लोगों को संगठित करने के उद्देश्य से आज झारखंड में एक दस दिवसीय जन अधिकार यात्रा शुरू हुई।
यह यात्रा मुख्य रूप से निम्न मुद्दों पर केन्द्रित होगी: (1) रोज़गार गारंटी व नरेगा पर हमले (2) खाद्य सुरक्षा व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून का अब तक लागू न होना (3) जल, जंगल, ज़मीन व भूमि अधिग्रहण (4) वन अधिकार व वन अधिकार कानून और (5) सामाजिक सुरक्षा कानून। साथ ही, यात्रा राज्य दमन व हज़ारों बेकसूर आदिवासियों को जेल में बंद किए जाने का खुलासा करेगी।
दक्षिणी छोटानागपुर की यात्रा बिरसा समाधी स्थल, कोकर (रांची) से शुरू हुई। अनिल अंशुमन ने उपस्थित लोगों को यात्रा के मुख्य उद्देश्यों के बारे में बताया।
दयामनी बारला ने इस बात पर क्रोध जताया कि लोगों के भोजन, पानी, आवास, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे मौलिक अधिकारों पर कंपनियों द्वारा हमलें हो रहे हैं।
बलराम ने कहाँ कि यह बहुत शर्म की बात है कि झारखंड एक तरफ़ तो जंगल, खनिज व नदियों जैसे प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है पर दूसरी ओर यह भारत में भूख, कुपोषण व गरीबी की राजधानी भी है।
यात्रा के उद्घाटन में भोजन का अधिकार अभियान के समन्वयक अशर्फ़ी नन्द प्रसाद, अखाड़ा के मेघनाथ व ऑल इण्डिया पीपल्स फ़ोरम (AIPF) के नदीम खान, आलोका व धीरज उपस्थित थे।
बिरसा समाधि स्थल से यात्रा कूटे की तरफ़ बढ़ी, जहां नया विधान सभा बनाने के लिए लोगों से जबरन ज़मीन छीनी गई है। शाम को यह यात्रा मांडर जाएगी।
पलामू की यात्रा नीलाम्बर व पीताम्बर की जन्मभूमि टेहरी (गढ़वा) में एक सभा करके शुरू हुई। वहां के लोगों ने बताया कि उन्होंने वन अधिकार कानून के तहत पट्टों के लिए सौ आवेदन दिए थे, जिसमे से केवल छः ही स्वीकृत हुए, जबकि पट्टों की स्वीकृति ग्राम सभा का अधिकार है।
सभा को संबोधित करते हुए रांची विश्वविद्यालय के ज्यां द्रेज़ ने लोगों के अधिकारों पर बढ़ते हमलों के कई उदाहरण दिए। उन्होंने बताया कि अभी भी देश के कई राज्यों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा क़ानून लागू नहीं हुआ है। झारखंड में कई वायदों का बावजूद लोग नए राशन कार्ड की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
सभा में जीतेंद्र सिंह (औरंगा बाँध विरोधी संघर्ष समिति), रविन्द्र भुइया (AIPF), जेम्स हेरेंज (समन्वयक, नरेगा वॉच), मिथिलेश (नरेगा वॉच), श्यामा सिंह (मनिका सहायता केंद्र), संजय सानी (समाज परिवर्तन शक्ति संगठन) व अन्य लोग शामिल थे।
उत्तरी छोटानागपुर की यात्रा बगोदर (गिरिडीह) में एक बड़ी सभा के रूप में शुरू हुई, जिसमे हज़ार से अधिक लोगों ने भाग लिया। यात्रा में सामाजिक कार्यक्रमों के बजट में हुई भारी कटौतियों के बारे में विस्तृत चर्चा हुई।
AIPF के विनोद सिंह ने बताया कि केंद्र में आई नई सरकार ने गैर-कानूनी रूप से नरेगा कानून के बजट में बेरहमी से कटौती की है। स्वास्थ्य व शिक्षा के बजट को भी कम किया गया है। पिछले केन्द्रीय बजट में आंगनवाड़ी कार्यक्रम का बजट आधा कर दिया गया था। सभा में राजेश सिन्हा (AIPF), रामस्वरूप (एकता परिषद), नारायण महतो (पैरा शिक्षक संघ), अफ़ज़ल अनीज़ (यूनाइटेड मिली फ़ोरम), पूनम देवी (All India Progressive Women's Association) व रामदेओ विश्वबंधु (ग्राम स्वराज अभियान) भी उपस्थित थे।
आलोका