सबरीमाला में तंत्री से ज्यादा गरिमा गधों में है : केरल के मंत्री सुधाकरन

Donkeys are more dignified than Thantri : G.Sudhakaran

अलप्पुझा (केरल), 2 दिसम्बर। केरल के पीडब्ल्यूडी मंत्री व मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता जी. सुधाकरन ने रविवार को सबरीमाला मंदिर के तंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि मंदिर कस्बे में तंत्री से अधिक गरिमा (ग्रेस) गधों में है। अपनी तल्ख टिप्पणियों के लिए मशहूर सुधाकरन ने यहां एक सांस्कृतिक समारोह के उद्घाटन भाषण में यह बात कही।

सर्वोच्च न्यायालय ने सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की आयु सीमा की महिलाओं के प्रवेश को अनुमति दी है। इसे परंपरा के खिलाफ बताते हुए मंदिर तंत्री ने कहा था कि अगर इस आयु वर्ग की महिलाएं मंदिर पहुंची तो मंदिर को बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद से मंत्री लगातार सबरीमाला तंत्री परिवार पर हमला बोल रहे हैं।

सबरीमाला मंदिर के तांत्रिक अधिकार कंटारारू परिवार के पास हैं। वर्तमान प्रमुख तंत्री कंटारारू राजीवारू हैं और इन्होंने ही यह विवादास्पद टिप्पणी की थी।

सुधाकरन ने कहा कि उन्हें (तंत्रियों को) भगवान अयप्पा के प्रति कोई जुड़ाव या चिंता नहीं है।

सुधाकरन ने कहा,

"मंदिर कस्बे में गधे सबसे ज्यादा काम करते हैं। आज की तारीख तक वे किसी प्रदर्शन में नहीं गए। अपनी कड़ी मेहनत के बाद वे पांबा नदी के समीप आराम करते हैं। इन गधों में तंत्री से अधिक गरिमा है।"

मंदिर कस्बे में गधे पांबा के आधार शिविर से पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक अधिकांश वस्तुएं लेकर जाते हैं।

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(आईएएनएस)